नौकरी नहीं, बकरी पालन से गणेश महतो सालाना कमा रहे 4 लाख, आसपास के किसानों के लिए बने प्रेरणा

झारखंड के किसान गणेश महतो ने बकरी पालन को बनाया स्वरोजगार का जरिया. उन्नत नस्ल की बकरियों से सालाना चार लाख रुपये तक की कमाई कर रहे हैं.

नावाडीह प्रखंड के भलमारा पंचायत के पूर्व मुखिया सह कृषक गणेश प्रसाद महतो ने बकरी पालन को स्वरोजगार का सफल माध्यम बनाया है. नावाडीह-फुसरो मुख्य मार्ग के चपरी में उन्नत नस्ल की बकरियों का फार्म संचालित कर वे सालाना तीन से चार लाख रु का कारोबार कर रहे हैं. उनका फार्म अब आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है.

गणेश के फार्म में उन्नत नस्ल की 15-20 बकरियां हैं

गणेश महतो के फार्म में फिलहाल 15 से 20 उन्नत नस्ल की बकरियां हैं. इनमें से हर साल करीब 25 से 30 बकरा-बकरियों की बिक्री की जाती है. उन्होंने बताया कि सीमित संख्या में होने के बावजूद इससे अच्छा कारोबार हो रहा है. भविष्य में फार्म की क्षमता बढ़ाकर बड़े पैमाने पर बकरी पालन करने की योजना है.

बीटल और सिरोही को बताया बेहतर

गणेश महतो के अनुसार झारखंड के वातावरण में बीटल और सिरोही नस्ल की बकरियां बेहतर परिणाम देती हैं. उचित पोषण और देखभाल मिलने पर इनका वजन एक साल में करीब 30 से 40 किलो तक पहुंच सकता है. अजमेरी नस्ल भी यहां काफी हद तक अनुकूल है, जबकि गुजरी और जमुनापारी नस्ल का प्रदर्शन स्थानीय वातावरण में अपेक्षाकृत कम बेहतर माना जाता है. बकरियों को गेहूं, मक्का सहित अन्य पौष्टिक आहार दिया जाता है.

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गर्भवती बकरी खरीदने की सलाह

उन्होंने किसानों को सलाह दी कि बकरी पालन शुरू करने वाले लोग छोटे बच्चों की जगह गर्भवती बकरियां खरीद सकते हैं. इससे कम समय में फार्म का विस्तार संभव है. सामान्यतः एक बकरी करीब 18 माह में दो बार बच्चे देती है. इस तरह उचित प्रबंधन के साथ कम संख्या से भी व्यवसाय को धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है.

बरसात में टीकाकरण पर जोर

गणेश महतो बकरियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को भी कारोबार की सफलता के लिए जरूरी मानते हैं. खासकर बरसात के मौसम में समय पर टीकाकरण कराने की सलाह देते हैं. वे अपने फार्म की बकरियों का साल में दो बार टीकाकरण कराते हैं. छोटी स्वास्थ्य समस्याओं का प्राथमिक उपचार स्वयं करते हैं और जरूरत पड़ने पर पशु चिकित्सक की सलाह लेते हैं.

वैज्ञानिक तरीके अपनाने से हो सकती है अच्छी आय

गणेश महतो का कहना है कि झारखंड में किसान वैज्ञानिक तरीके से बकरी पालन अपनाकर अच्छी आय हासिल कर सकते हैं. उनका फार्म जरूरतमंद किसानों को उन्नत नस्ल की बकरियां उपलब्ध कराने के साथ उन्हें इस व्यवसाय से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रहा है.

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By Rakesh verma

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