सावन की अंतिम सोमवारी पर कसमार प्रखंड के जामकुदर गांव में सोमवार को श्रद्धालुओं ने तीन किलोमीटर की जलयात्रा निकाली. हाथों में कलश और जुबां पर भगवान शिव का नाम लिये श्रद्धालु कुरको स्थित खांजो नदी पहुंचे. वहां विधि-विधान से कलश में जल भरने के बाद गाजे-बाजे के साथ जामकुदर के लिए रवाना हुए. जलयात्रा के दौरान हर-हर महादेव के जयघोष और भक्ति गीतों से पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा.
खांजो नदी से जल लेकर पहुंचे जामकुदर
श्रद्धालुओं ने करीब तीन किलोमीटर की दूरी तय कर खांजो नदी से कलश में जल भरा. इसके बाद सामूहिक रूप से वापस जामकुदर पहुंचे. रास्ते में श्रद्धालु भक्ति गीत गाते और भगवान शिव के जयकारे लगाते रहे.
गांव पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने शिवालय में कलश के जल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया. इसके बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गयी. जलाभिषेक के दौरान मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा.
तीन वर्षों से निभायी जा रही जलयात्रा की परंपरा
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में शिवालय की स्थापना के बाद पिछले तीन वर्षों से जलयात्रा की परंपरा निभायी जा रही है. प्रत्येक वर्ष बड़ी संख्या में ग्रामीण इसमें शामिल होते हैं. श्रद्धालुओं का कहना है कि जलयात्रा और सामूहिक जलाभिषेक से गांव में धार्मिक और सामाजिक एकजुटता का माहौल बनता है.
बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल
जलयात्रा में अनुज कुमार, दिवाकर प्रमाणिक, विप्लव सिंह मुंडा, अशोक महतो, मंटू महतो, दुबराज रजवार, दिनेश कुमार, गोपाल प्रमाणिक, रोहित दे, प्रकाश महतो, संतोष रजवार, प्रयाग महतो, विकास कुमार, महादेव साव, लोकेश महतो, मिथुन रजवार, पियूष, विजय और सोनू समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए.
