Bokaro News : सदर अस्पताल में नहीं है सिटी स्कैन जांच की सुविधा

Bokaro News : बोकारो सदर अस्पताल में हेड इंज्यूरी के मरीजों के इलाज की व्यवस्था नहीं है.

पांच करोड़ की लागत से बने बोकारो सदर अस्पताल में हेड इंज्यूरी के मरीजों के इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है. 13 साल बाद भी सिटी स्कैन जांच की सुविधा उपलब्ध हो पायी है. न ही न्यूरो सर्जन या न्यूरो फिजिशियन की पदस्थापना हो पायी है. न्यूरो की बीमारियों के इलाज से संबंधित कोई उपकरण भी यहां उपलब्ध नहीं है. ऐसी स्थिति में ज्यादातर सड़क हादसों में घायल हुए लोगों (हेड इंज्यूरी के मरीज) मरीज को हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है. सदर अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 15 एक्सीडेंटल मरीज आते हैं. इनमें से 70 प्रतिशत मरीज ब्रेन व नस के डैमेज होने की वजह से गंभीर स्थिति में चले जाते है. ऐसे में चिकित्सक अधिकतर मरीजों को बोकारो जेनरल अस्पताल, रिम्स रांची या पीएमसीएच रेफर करते हैं. रेफर होने के बाद अस्पताल ले जाने के क्रम में कई मरीजों की जान रास्ते में ही चली जाती है. इसके अलावा सदर अस्पताल में रोजाना 30-35 मरीज नस से जुड़ी बीमारियां लेकर आते हैं. अस्पताल में अनुबंध पर एक न्यूरो चिकित्सक को रखा गया है, जो माह में केवल दो दिन ओपीडी में सेवा देते हैं. ऐसे से अन्य दिन आने वाले मरीजों को निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है.

वर्ष 2016 में सुविधा होनी थी शुरू

राज्य के तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने दस साल पूर्व वर्ष 2016 में बोकारो सदर अस्पताल में पीपीपी मोड में सिटी स्कैन मशीन लगाने के लिए एक निजी एजेंसी के साथ टाईअप किया था. इसके तहत सिटी स्कैन की सुविधा चालू करने का प्रस्ताव सदर अस्पताल में रखा गया था. आश्वासन के बाद एमओयू होने के पहले ही चुनाव की घंटी बज गयी. इसके बाद सरकार ही बदल गयी और मामला ठंडे बस्ते में चला गया.

सिविल सर्जन ने कहा

सिविल सर्जन डॉ अभय भूषण प्रसाद ने कहा कि बाेकारो सदर अस्पताल में न्यूरो सर्जन की पदस्थापना व सिटी स्कैन सुविधा शुरू करने के लिए सरकार को पुनः पत्राचार करेंगे. सिटी स्कैन व न्यूरो सर्जन की सुविधा नहीं होने के कारण हेड इंज्यूरी वाले मरीजों को रेफर किया जाता है.

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By JANAK SINGH CHOUDHARY

JANAK SINGH CHOUDHARY is a contributor at Prabhat Khabar.

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