दुर्गापूजा से पहले BSL कर्मियों में बोनस की चर्चा तेज, 50 हजार से डेढ़ लाख तक की उम्मीद

बोकारो स्टील प्लांट के कर्मियों को दुर्गा पूजा बोनस का इंतजार है. इस बार 50 हजार से डेढ़ लाख रुपये तक बोनस की मांग की जा रही है.

बोकारो. दुर्गापूजा 11 अक्टूबर 2026 को कलश स्थापना के साथ शुरू होगी. पूजा से पहले बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के कर्मियों में बोनस को लेकर चर्चा तेज हो गयी है. चास-बोकारो के बाजार के दुकानदारों और मजदूर यूनियनों की भी बोनस की राशि पर नजर है. हर साल की तरह इस बार भी कर्मी बोनस की राशि को लेकर जोड़-घटाव में जुट गये हैं. बाजार में भी बोनस मिलने के बाद खरीदारी बढ़ने की उम्मीद है.

बोनस को लेकर एनजेसीएस (नेशनल ज्वाइंट कमेटी फॉर स्टील) की बैठक की तिथि फिलहाल घोषित नहीं हुई है. कर्मियों और यूनियन प्रतिनिधियों की नजर अब प्रबंधन के रुख पर टिकी है. वहीं, बोनस की राशि को लेकर 50 हजार से डेढ़ लाख रुपये तक की मांग की चर्चा शुरू हो गयी है.

2025 में कर्मियों को मिले थे 29,500 रुपये

वर्ष 2025 में बीएसएल कर्मियों को 29,500 रुपये और प्रशिक्षुओं को 23,600 रुपये बोनस मिला था. इससे पहले वर्ष 2023 में कर्मियों के खाते में 23,000 रुपये और वर्ष 2024 में 26,500 रुपये का भुगतान किया गया था. ऐसे में इस बार कर्मियों को पिछली राशि से अधिक बोनस मिलने की उम्मीद है.

बीएसएल कर्मियों को दुर्गापूजा के मौके पर मिलने वाली राशि का इंतजार रहता है. प्लांट के विभागों से लेकर चौक-चौराहों तक बोनस की चर्चा शुरू हो गयी है. कई कर्मियों के परिवारों में भी बोनस की राशि से होने वाली खरीदारी को लेकर तैयारी शुरू हो गयी है. बच्चों और महिलाओं के लिए कपड़े, घरेलू सामान समेत अन्य जरूरी चीजों की खरीदारी की योजना बनायी जा रही है.

BSL के करीब 8 हजार समेत सेल के 47 हजार कर्मियों को मिलेगा लाभ

बोनस की राशि को लेकर बीएसएल के करीब 8 हजार समेत सेल के लगभग 47 हजार कर्मी हिसाब-किताब बैठा रहे हैं. कर्मी सेल के कर पूर्व लाभ और एबिटा को आधार मानकर इस बार मिलने वाली राशि का अनुमान लगा रहे हैं. उनका कहना है कि कंपनी के बेहतर प्रदर्शन में आम कर्मचारियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है. इसलिए बोनस, एक्सग्रेशिया और पीआरपी में कर्मचारियों का अधिकतम हित होना चाहिए.

बताते चलें कि वर्ष 2011 से सेल में कर्मचारियों को पारंपरिक सालाना बोनस की जगह सेल परफार्मेंस इंसेंटिव स्कीम के तहत भुगतान किया जा रहा है. कंपनी के प्रदर्शन और मुनाफे को देखते हुए कर्मियों को इस बार भी बेहतर राशि मिलने की उम्मीद है.

एनजेसीएस में सहमति नहीं बनने पर सीधे खाते में भेजी गयी राशि

प्रबंधन और मजदूर यूनियन के नेता इस राशि को एनुअल प्रॉफिट लिंक्ड रिवॉर्ड योजना के तहत मिलने वाली राशि बताते हैं, लेकिन कर्मचारियों के बीच इसे आज भी बोनस के नाम से ही जाना जाता है.

ये भी पढ़ें: BSL कर्मचारियों की मांगों को लेकर यूनियन ने HRD जीएम से की मुलाकात, एजुकेशन इंसेंटिव बढ़ाने की मांग

पिछले कुछ वर्षों से बोनस की राशि को लेकर प्रबंधन और मजदूर संगठनों के बीच सहमति नहीं बन पा रही है. एनजेसीएस की बैठकों में इंटक, एटक, सीटू, एचएमएस, बीएमएस समेत विभिन्न राष्ट्रीय मजदूर संगठनों के प्रतिनिधि कर्मचारियों के लिए अधिक राशि की मांग करते रहे हैं. पिछले दो वर्षों में एनजेसीएस की बैठकों में सहमति नहीं बनने के बावजूद प्रबंधन ने कर्मचारियों के खातों में सीधे राशि ट्रांसफर की थी. अब इस वर्ष बोनस को लेकर एनजेसीएस की बैठक और प्रबंधन के फैसले का इंतजार है.

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By Sunil tiwari

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