बोकारो : जेबीकेएसएस के गेट जाम आंदोलन में हिंसक झड़प, 16 जख्मी, मामले में इएसएल स्टील ने रखा पक्ष

चास मुफस्सिल थाना क्षेत्र में झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति (जेबीकेएसएस) व युवा संग्राम समिति ने 13 सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को इलेक्ट्रोस्टील वेदांता के भागाबांध, मोदीडीह व 47 खाता गेट को सुबह छह बजे से जाम कर दिया.

चास मुफस्सिल थाना क्षेत्र में झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति (जेबीकेएसएस) व युवा संग्राम समिति ने 13 सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को इलेक्ट्रोस्टील वेदांता के भागाबांध, मोदीडीह व 47 खाता गेट को सुबह छह बजे से जाम कर दिया. आंदोलन में भारी संख्या में आसपास के महिला, पुरुष व बच्चे शामिल थे. वहीं गेट जाम को लेकर पुलिस प्रशासन व कंपनी के निजी सुरक्षा गार्ड पहले से तैनात थे. दोपहर लगभग 12.30 बजे भागाबांध गेट पर आंदोलनकारी व सुरक्षाकर्मी आमने-सामने हो गए. इसी बीच पुलिस प्रशासन की उपस्थिति में कंपनी के निजी सुरक्षा गार्ड ने अचानक कुंबाटांड़ गांव निवासी फटिक महतो की पत्नी महिला लक्ष्मी देवी पर लाठी चार्ज कर दिया. इससे आंदोलनकारी भड़क उठे और सुरक्षाकर्मियों पर आक्रोश फूट पड़ा. दोनों तरफ से लाठी, डंडा व रोड़ेबाजी जमकर हुई. इससे भगदड़ मच गई. आंदोलनकारियों का आक्रोश देख कंपनी के सुरक्षाकर्मी प्लांट की और भागे. लाठीचार्ज में लक्ष्मी देवी, मूंधनिया गांव निवासी दिलीप महतो व अर्जुन महतो गंभीर रूप से घायल हो गये हैं. दर्जनों लोगों को मामूली चोट आई हैं. वहीं रोड़ेवाजी, लाठी व डंडा से हमले में 13 महिला होमगार्ड भी घायल हो गयी. महिला होमगार्ड कंपनी के अस्पताल में इलाजरत हैं.

सुरक्षाकर्मियों व चंदनकियारी सीओ के वाहन क्षतिग्रस्त

इस दौरान कंपनी के सुरक्षाकर्मियों की गाड़ी के साथ-साथ चंदनकियारी सीओ की गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हुई है. दोनों और से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.

आंदोलनकारियों ने कहा : शांति पूर्ण कर रहे थे प्रदर्शन

जेबीकेएसएस समर्थक व ग्रामीणों का कहना है कि हमलोग शांतिपूर्ण तरीके से जाम प्रदर्शन कर रहे थे, इसी बीच पुलिस प्रशासन की उपस्थिति में कंपनी के पुरुष सुरक्षाकर्मी ने लक्ष्मी देवी पर लाठी से हमला कर दिया. कहा कि प्रबंधन की दमनकारी नीति का विरोध जारी रहेगा.

कानून का पालन करने वाली नैतिक अनुपालक संगठन है इएसएल स्टील

इएसएल स्टील लिमिटेड (वेदांता) ने सोमवार को हुए हिंसक झड़प मामला में अपना पक्ष रखा है. कंपनी ने बयान जारी कर कहा कि इएसएल स्टील लिमिटेड कानून का पालन करने वाली नैतिक रूप से अनुपालक संगठन है. कंपनी समाज व समुदाय के लाभ व कल्याण के लिए निरंतर काम करती रही है और करते रहेगी. 13 जून 2023 को इएसएल, जेबीकेएसएस व थाना प्रभारी, सियालजोरी/ बंगदिया के बीच त्रिपक्षीय चर्चा में सभी 13 बिंदुओं में से 90 प्रतिशत का सौहार्दपूर्ण समाधान हो गया है. इस्पात कारखाने के निर्माण के लिए जिन लोगों ने जमीन दी थी, उनमें से हर एक को पर्याप्त व न्यायोचित रूप से क्षतिपूर्ति कर दी गयी है. यदि कोई मामला बचा रह गया होगा, तो समझौते के अनुसार उसका निबटारा किया जायेगा. इएसएल, वेदांता कहती रही है कि समस्याओं को बातचीत के जरिए हल किया जाये, लेकिन स्थानीय लोगों ने कानून को अपने हाथों में ले लिया है. वे राज्य सरकार की पुलिस व हमारी सुरक्षा कर्मचारियों पर पत्थरबाजी की. उन पर डंडों तथा पत्थरों से हमला किया. इसमें अनेक पुलिसकर्मी व सुरक्षा कर्मचारी घायल हुए. लोगों ने कारखाने के फाटक के बाहर निजी वाहन व पुलिस वाहनों को भी क्षति पहुंचाई. इस प्रकार के हिंसक कार्य की कठोर निंदा करते हैं. रचनात्मक संवाद के लिए हमारा दरवाजा खुला है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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