Bokaro News: राष्ट्रीय महिला दिवस को बोकारो की दो चिकित्सकों ने बनाया खास

Bokaro News: दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला में लगी डॉ मीता व डॉ अनुप्रिया की लिखित पुस्तक, डॉ मीता की ‘वेलु नचियार वीरमंगाई’ ने दक्षिण भारत के महिला योद्धा से कराया परिचय

रंजीत कुमार, बोकारो, राष्ट्रीय महिला दिवस को बोकारो की डॉ मीता सिन्हा व डॉ अनुप्रिया पंकज ने खास बना दिया है. दिन-रात ऑपरेशन थियेटर में उपकरणों के साथ रहनेवाली, ओपीडी में मरीजों की स्वास्थ्य जांच करनेवाली दोनों चिकित्सकों ने साहित्य जगत में एक मुकाम बनाया है. दोनों की पुस्तकें एक से नौ फरवरी तक दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला में प्रदर्शित की गयी थीं.

रचनात्मक पहल

डॉ मीता की पुस्तक ‘वेलु नचियार वीरमंगाई’ तमिलनाडु जिले के शिवगंगई की वीरांगना से परिचित कराती है. वोरमंगई नाम से दक्षिण में चर्चित यह योद्धा 18वीं सदी में ब्रिटिश हुकूमत से लड़नेवाली पहली रानी थीं. पब्लिक डोमेन में इनसे संबंधित जानकारी लगभग नगण्य है. अजेय रहते हुए क्षेत्र को अंग्रेजों से मुक्त कराया. डॉ अनुप्रिया की पुस्तक ‘अनस्पोकन थ्रेड्स : ए टेल ऑफ लव एंड लेगेसी’ ने पिता-पुत्री के प्रेम की गहराई को दर्शाया है. एक पिता अपनी पुत्री के एहसास को व एक पुत्री अपने पिता के एहसास को कैसे नि:शब्द होकर समझ लेते हैं. सोशल साइट पर पर भी दोनों चर्चित है. आइएमए व झासा के चिकित्सकों ने भी दोनों को बधाई दी है.

कौन हैं डॉ मीता सिन्हा

डॉ मीता सिन्हा स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ व लेप्रोस्कोपिक सर्जन हैं. छह वर्ष की उम्र से ही डॉ मीता ने कविताई शुरू की थी. महिला सशक्तीकरण पर अपनी कहानी के लिए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर आइएमए ने सम्मानित किया है. राज्यस्तरीय प्रदर्शनी में उनकी पेंटिंग सराही गयी है. कई पुरस्कार भी मिले हैं. फिलहाल आइएमए मिशन पिंक हेल्थ विंग की झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष हैं. अब तक 40 हजार से अधिक बच्चियों व किशोरियों को परामर्श दे चुकी हैं. अपने खर्च से सेनेटरी पैड सहित कई तरह की जरूरी दवाएं नि:शुल्क उपलब्ध करायी है. डॉ मीता की यह दूसरी पुस्तक है.

कौन है डॉ अनुप्रिया पंकज

डॉ अनुप्रिया पेशे से स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ व लेप्रोस्कोपिक सर्जन हैं. लिखना इनका शौक है. फिलहाल आइएमए चास की सचिव हैं. साथ ही मिशन पिंक हेल्थ से जुड़ी हैं. डॉ मीता सिन्हा के साथ मिलकर छह सालों से झोपड़पट्टी में रहनेवाली व स्कूलों में पढ़नेवाली लगभग 40 हजार किशोरियों को स्वास्थ्य के प्रति लगातार जागरूक कर रही हैं. साथ ही अपने खर्च पर दवाएं व सेनेटरी पैड वितरित कर रही हैं. पिता की याद में लिखी ‘अनस्पोकन थ्रेड्स’ ए टेल ऑफ लव एंड लेगेसी को लिखा है. डॉ अनुप्रिया की यह पहली पुस्तक है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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