Bokaro News : मन ही बंधन व मोझ का कारण : सचिन कौशिक

Bokaro News : सेक्टर नौ स्थित वैशाली मैदान में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह के तीसरे दिन विदुर कथा का वाचन.

बोकारो, मन ही बंधन व मोक्ष का कारण है. सांसारिक आसक्ति का बंधन है व संत-महापुरुषों में आसक्ति मोक्ष दिलाती है. पूर्वजन्म में राजा भरत एक हिरणी के बच्चे के प्रति आसक्त हो गए थे, इसी आसक्ति के कारण उनका अगला जन्म हिरण के रूप में हुआ. यह बातें सचिन कौशिक महाराज ने कही. शुक्रवार को वैशाली मैदान, सेक्टर 09 में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह के तीसरे दिन विदुर कथा पर प्रवचन दिया गया. सचिन कौशिक ने कहा कि विदुर जी यमराज के श्राप के कारण दासी-पुत्र के रूप में जन्मे थे. धर्म के अवतार थे, जो हस्तिनापुर में धृतराष्ट्र के मंत्री थे. फिर तीर्थयात्रा करते हुए मैत्रेय ऋषि से मिले. मैत्रेय ऋषि ने उन्हें भगवान की महिमा, सृष्टि का क्रम, व भक्ति के महत्व को समझाया. इसमें भगवान को केवल प्रेम व शुद्ध भाव से अर्पित वस्तु प्रिय होती है, जैसा कि उन्होंने विदुर के घर केले के छिलके खाकर दिखाया था. श्री कौशिक ने कहा कि भागवत कथा में विदुर संवाद ज्ञान, धर्म व अनन्य भक्ति के गहन आध्यात्मिक प्रवचन हैं, जो भगवान के स्वरूप व प्रेम की पराकाष्ठा को दर्शाते हैं. भगवान व हिरण्याक्ष का युद्ध, भगवान विष्णु के वराह अवतार और दैत्य हिरण्याक्ष के बीच हुआ था. इसमें हिरण्याक्ष ने पृथ्वी को चुराकर पाताल में छिपा दिया था. वराह रूपी विष्णु ने पृथ्वी को जल से निकालकर हजारों वर्षों तक चले भीषण युद्ध के बाद हिरण्याक्ष का वध कर सृष्टि में संतुलन स्थापित किया. महाराज ने कहा कि कपिल मुनि का जन्म कर्दम ऋषि व माता देवहूति के यहां हुआ था. कथा के अंत में वामन भगवान की झांकी प्रस्तुति की गयी. मौके पर अर्चना सिंह, कौशल कुमार राय, डॉ संतोष कुमार, अजीत कुमार, सुलेखा कुमारी, प्रभुनाथ चौधरी, यजमान योगेंद्र कुमार चौधरी व शालिनी कुमारी, रवि शंकर, विकास राजहंस, मनीष कुमार पांडेय, राम नरेश प्रसाद, अशोक कुमार व अन्य मौजूद थे.

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By ANAND KUMAR UPADHYAY

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