बोकारो, बोकारो में इएसआइ का अपना अस्पताल नहीं है. ऐसे में इएसआइ से संबद्ध लगभग 60 हजार कामगार व उनके परिजन स्वास्थ्य लाभ से प्रभावित हो रहे हैं. अस्पताल खोलने की मांग पिछले कई वर्षों से हो रही है. समय पर श्रमिक नेता आवाज उठाते रहे हैं. अब तक आश्वासन के सिवा बोकारो को कुछ भी हासिल नहीं हुआ. सेक्टर चार सिटी सेंटर में एक बीमा चिकित्सालय चल रहा है. यहां एक चिकित्सक डॉ रणधीर कुमार सिंह इलाज के लिए उपलब्ध हैं. गंभीर मरीज को रेफर करने के अलावा चिकित्सक के पास कोई उपाय नहीं. रेफर के बाद डॉ सिंह को मरीज के संपर्क में रहना पड़ता है.
लगभग 30 मरीजों को किया जाता है रेफर
सेक्टर चार सिटी सेंटर में खुला बीमा चिकित्सालय में प्रतिदिन 150 मरीजों का इलाज होता है. विशेषज्ञ चिकित्सक के अभाव में प्रतिदिन लगभग 30 मरीज को रेफर किया जाता है. प्रतिदिन 15 गंभीर मरीजों को इएसआइ से संबद्ध अस्पतालों (केएम मेमोरियल अस्पताल चास, मुस्कान अस्पताल चास, नीलम अस्पताल चास सहित अन्य) में इलाज के लिए भरती के लिए भेजा जाता है. इसके बाद इएसआइ के अस्पताल रांची या जमशेदपुर रेफर किया जाता है. इससे मरीज के परिजनों को काफी परेशानी उठानी पडती है. कई लोग परेशान होकर खुद के पैसे से इलाज कराने को विवश हो रहे हैं.
पुपुनकी के समीप होना था निर्माण
दो अप्रैल 2018 को देवघर के समीप इएसआइ अस्पताल के नींव रखने के लिए आमंत्रित तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की उपस्थिति में पूर्व केंद्रीय श्रम मंत्री बंगारू दत्तात्रेय ने घोषणा की थी. कहा था कि बोकारो में 100 बेड का इएसआइ अस्पताल की स्थापना की जायेगी. वर्ष 2024 में घोषणा की गयी कि चास मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पुपुनकी के समीप इएसआइ अस्पताल का निर्माण होगा. घोषणा के बावजूद आज तक इएसआइ अस्पताल खोलने के लिए अबतक कोई पहल नहीं हुई. बोकारोवासी उपेक्षित महसूस कर रहे हैं. हर बार आश्वासन के सिवा बोकारो के मरीजों को कुछ नहीं मिलता.
बोकारो में कामगारों की संख्या 60 हजार से अधिक
वर्तमान में बोकारो में इएसआइ से संबद्ध कामगारों की संख्या लगभग 60 हजार पार कर गयी है. सभी मजदूर बीएसएल, ओएनजीसी, एसआरयू मुख्यालय, डालमिया सिमेंट फैक्ट्री, दर्जनों मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों व छोटी-मध्यम इकाइयों में कार्यरत हैं. इसके अलावा 30 किमी के परिधि में सीसीएल बेरमो, आइइएल गोमिया, डीवीसी की चंद्रपुरा व बोकारो थर्मल में दो-दो बड़े पावर प्लांट, वेदांता स्टील प्लांट में कार्यरत ठेका मजदूर व अल्प वेतनभोगी कर्मचारी जुड़े हुए हैं. सरकार का ध्यान नहीं है. जबकि रांची, जमशेदपुर, मधुपुर, गिरिडीह, कोडरमा, रामगढ, धनबाद में इएसआइसी अस्पताल उपलब्ध है.
विभाग को दी गयी है जानकारी
चिकित्सक की कमी की जानकारी विभाग को भेजी गयी है. जल्द ही चिकित्सक डिस्पेंसरी में पदस्थापित होंगे.
डॉ रणधीर कुमार सिंह, एमओ आइसी, इएसआइसी डिस्पेंसरी, बोकारोडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
