राधागांव स्टेशन पर रात में रुकती है बोकारो-आसनसोल पैसेंजर ट्रेन, दिन में नहीं, जानिए क्या है कारण

ट्रेन से प्रतिदिन दर्जनों लोगों का पुरुलिया आदि क्षेत्रों में आना-जाना होता है. बोकारो से सुबह 3:45 बजे खुलने वाली यह ट्रेन दिनके करीब 4 बजे राधागांव होकर गुजरती है. लॉकडाउन के बाद कई ट्रेनों का परिचालन शुरू हुआ, लेकिन राधागांव स्टेशन पर बोकारो-आसनसोल मेमू पैसेंजर ट्रेन के ठहराव पर रोक लगा दी गयी.

Bokaro News: बोकारो रेलवे स्टेशन से सात किलोमीटर दूर स्थित राधागांव स्टेशन पर बोकारो-आसनसोल ट्रेन का दिन में ठहराव नहीं है, जबकि देर रात लौटने वाली इसी आसनसोल-बोकारो मेमू पैसेंजर ट्रेन का ठहराव है. वहीं, शाम को खुलने वाली बोकारो-आसनसोल पैसेंजर अभी तक रद्द है. ऐसी स्थिति में इस स्टेशन के आसपास के ग्रामीणों को दिन में बंगाल जाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है. उनके पास सड़क मार्ग के अलावा और कोई विकल्प नहीं है. जबकि इस क्षेत्र के कई लोगों की रिश्तेदारी आसनसोल, पुरुलिया सहित पश्चिम बंगाल में है वहीं सैकड़ों लोग खरीदारी के लिए आवागमन करते हैं. वहीं कुछ क्षेत्र ऐसे भी हैं जहां की जमीन की रजिस्ट्री या कागजात संबंधित अन्य कार्यों के लिए पुरुलिया जाना होता है.

लॉकडाउन के बाद ठहराव पर लगी रोक

जानकारी के मुताबिक इस ट्रेन से प्रतिदिन दर्जनों लोगों का पुरुलिया आदि क्षेत्रों में आना-जाना होता है. बोकारो से सुबह 3:45 बजे खुलने वाली यह ट्रेन दिनके करीब 4 बजे राधागांव होकर गुजरती है. कोविड-19 लॉकडाउन के बाद कई ट्रेनों का परिचालन शुरू हुआ, लेकिन राधागांव स्टेशन पर बोकारो-आसनसोल मेमू पैसेंजर ट्रेन के ठहराव पर रोक लगा दी गयी. हैरत यह है कि रात करीब 10 बजे लौटने वाली इस ट्रेन का ठहराव राधागांव स्टेशन पर कर दिया गया. ग्रामीण लगातार राधागांव में ट्रेन के ठहराव को पूर्ववत करने की मांग करते रहे हैं. क्षेत्रीय प्रबंधक बोकारो रेलवे से लेकर आद्रा मंडल के प्रबंधक तक को मांग पत्र सौंपा, लेकिन मांग अनसुनी कर दी गई.

इस क्षेत्र के ग्रामीण होते हैं लाभान्वित

राधानगर, चैनपुर, करहरिया, सिजुआ, घटियाली, सोनाबाद, सुनता तथा पथरिया (सभी पंचायत) सहित झारखंड से सटे पश्चिम बंगाल के करकरा आदि क्षेत्र के ग्रामीण बोकारो-आसनसोल पैसेंजर ट्रेन से आना-जाना करते थे.

एआरएम, डीआरएम, बोकारो विधायक तथा सांसद को भी पत्र लिखा गया, लेकिन इस क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए किसी ने ध्यान नहीं दिया. सुबह बोकारो से खुलने वाली ट्रेन का स्टॉपेज नहीं है. वहीं दिन में 3:40 बजे खुलने वाली ट्रेन बंद है. यह दोनों ही ट्रेनें आसपास के ग्रामीणोंं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.

– सुभाष सरकार, राधानगर पंचायत

आसनसोल-बोकारो ट्रेन चलने से यहां के लोगों को आसनसोल जाकर खरीदारी करने में आसानी होती थी. राधागांव में जल्द से ठहराव पुनः शुरू किया जाना चाहिए. सुबह-शाम बोकारो से खुलने वाली बोकारो-आसनसोल ट्रेन का परिचालन तथा राधागांव में ठहराव सुनिश्चित होना चाहिए.

– अशोक कुमार ठाकुर, चैनपुर पंचायत

यहां के अधिकांश लोग बंगाल से जुड़े हुए हैं. पुरुलिया व आसनसोल क्षेत्र से गहरा संबंध है. ऐसे में बोकारो-आसनसोल ट्रेन का परिचालन हमारे रिश्ते और व्यापार के लिए लाइफलाइन है. सुबह चलनेवाली ट्रेन का राधागांव में ठहराव किये जाने के साथ ही दिन में इस ट्रेन को फिर से चालू किया जाना चाहिए.

-डॉ अभिलाष गोराई, सतनपुर पंचायत

रिपोर्ट : कृपाशंकर पांडेय, बालीडीह

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By Prabhat khabar news desk

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