जैनामोड़. जरीडीह थाना क्षेत्र के जैनामोड़-फुसरो मुख्य मार्ग पर सोमवार को सड़क के गहरे गड्ढे में ऑटो का पहिया फंसने से वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया. खुटरी पॉलिटेक्निक के समीप हुई दुर्घटना में एक बच्चे समेत आठ लोग घायल हो गये. हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल सभी घायलों को ऑटो से बाहर निकाला और जैनामोड़ रेफरल अस्पताल पहुंचाया. प्राथमिक उपचार के बाद दो घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बोकारो जनरल अस्पताल (बीजीएच) रेफर कर दिया गया.
जैनामोड़ से फुसरो जा रहे थे सभी
घायलों के अनुसार ऑटो पर सवार सभी लोग जैनामोड़ से फुसरो की ओर जा रहे थे. इसी दौरान खुटरी पॉलिटेक्निक के पास सड़क के गहरे गड्ढे में ऑटो का पहिया फंस गया. चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और ऑटो सड़क पर पलट गया. हादसे में सवार लोगों को चोटें आयीं. दुर्घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने राहत कार्य शुरू किया और ऑटो के नीचे फंसे घायलों को बाहर निकाला.
दो घायलों की स्थिति गंभीर
घायलों में पेटरवार थाना क्षेत्र के चांदो निवासी राजेंद्र नायक (40), तांतरी निवासी सरस्वती देवी (50), तुपकाडीह निवासी रवि देवी, जैनामोड़ निवासी फरियाद अंसारी (38), नूर आलम (40), उनकी पत्नी आसमा परवीन (38) और उनके आठ वर्षीय पुत्र अमानत हुसैन शामिल हैं. एक अन्य घायल की पहचान तत्काल नहीं हो सकी. चिकित्सकों ने नूर आलम और आसमा परवीन की स्थिति गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए बीजीएच रेफर किया. हादसे के बाद कुछ समय तक मार्ग पर आवागमन भी प्रभावित रहा.
ओवरलोड वाहनों से सड़क खराब होने का आरोप
स्थानीय लोगों ने सड़क की खराब स्थिति को लेकर चिंता जतायी है. ग्रामीणों का आरोप है कि जैनामोड़-फुसरो मार्ग पर ओवरलोड छाई, आयरन स्लैग, गिट्टी और अन्य सामग्री लदे भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ने से सड़क लगातार क्षतिग्रस्त हो रही है. ग्रामीणों के अनुसार करीब 32 टन क्षमता वाली सड़क से 50 से 60 टन तक माल लदे वाहन गुजरते हैं. इससे सड़क के कई हिस्सों में बड़े-बड़े गड्ढे बन गये हैं.
हालांकि ओवरलोड वाहनों के कारण सड़क क्षतिग्रस्त होने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. इसकी वास्तविक स्थिति संबंधित विभाग की जांच और वाहनों के वजन संबंधी आधिकारिक आंकड़ों से स्पष्ट हो सकती है.
सीसीटीवी के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी
स्थानीय लोगों ने जैनामोड़ फोरलेन चौक पर लगे सीसीटीवी कैमरों के बावजूद ओवरलोड वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जतायी. ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों की लगातार आवाजाही और सड़क की खराब स्थिति के कारण छोटे वाहनों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है.
सड़क मरम्मत की मांग
ग्रामीणों के अनुसार बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में बाइक, ऑटो और अन्य छोटे वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बढ़ जाती है. लोगों ने प्रशासन और संबंधित पथ निर्माण विभाग से सड़क की स्थिति का निरीक्षण कर गड्ढों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है. ग्रामीणों ने कहा कि समय रहते सड़क दुरुस्त नहीं की गयी, तो भविष्य में गंभीर सड़क हादसा हो सकता है.
