अब एक ऑडियो सोशल साइट में वायरल हो रहा है. इसमें सुनायी दे रही आवाज चीरा चास थाना के मुंशी पिंटू साही की होने का दावा किया जा रहा है. वायरल ऑडियो में जिम के मारपीट की घटना में शामिल युवक को बर्बाद करने की धमकी दी जा रही है. वायरल ऑडियो की जानकारी मिलने पर एसपी नाथू सिंह मीणा ने मुंशी पिंटू साही को पुलिस लाइन में योगदान देने का निर्देश दिया. आदेश के बाद चीरा चास थाना से उन्हें विरमित किया गया. दूसरी तरफ थाना क्षेत्र के नंदुआ स्थान स्थित जिम के बाहर हुई मारपीट की घटना के आरोपी आरिफ के बयान पर मंगलवार की देर रात को छापेमारी कर चास थाना क्षेत्र निवासी बेंदीटांड़ के हर्ष पांडेय व कैलाश नगर चास के दिव्य मिश्रा को गिरफ्तार किया गया. दोनों को बुधवार को जेल भेज दिया गया. ज्ञात हो कि एक मई को जिम के बाहर मारपीट की घटना हुई थी. हर्ष पांडेय ने दो मई को प्राथमिकी दर्ज करायी थी. मारपीट से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आयी थी. इसी बीच चार मई को चास थाना क्षेत्र में वीणा रेजेंसी के समीप हर्ष पांडेय ने अपने साथियों के साथ एक आरोपी आरिफ के साथ मारपीट की. जानकारी मिलने पर पुलिस पहुंची और आरिफ को थाना लाकर लॉकअप में रखा. उसके बयान पर हर्ष पांडेय सहित अन्य पर मारपीट का मामला दर्ज किया था.
क्या है वायरल ऑडियो में
ऑडियो में कहा जा रहा है कि हम चीरा चास थाना से बोल रहे हैं. जिम में मारपीट क्यों किया जी. जल्दी थाना आओ. सारा वीडियो है हमारे पास. थाना आना है कि नहीं आना है. तुमको बर्बाद कर देंगे. इज्जत से थाना आ जाओ. तुम्हारा शिकायत आ रहा है. तुम यहां का डॉन नहीं है. तुम टारगेट में है. इस बार तुमको छोडेंगे नहीं. महताब का नंबर दो. मारपीट के मामले को सुलझाना है, तो जल्दी आओ अगर उलझाना है, तो मत आओ. आधा घंटा के अंदर आओ. काम छोड़कर आधा घंटा के अंदर थाना आओ. जबकि दूसरी तरफ से युवक कहा रहा है कि हम गद्दा का काम करने वाले है. काम करने सेक्टर तीन आये है.
थाना प्रभारी सहित तीन को किया गया था सस्पेंड
मालूम हो कि इसी मामले में मंगलवार को एक वीडियो वायरल हुआ था. वायरल वीडियो की जांच के बाद मंगलवार की देर रात को एसपी ने चीरा चास थाना के प्रभारी पुष्पराज कुमार पुअनि राजेश कुमार व सअनि संजय कुमार मंडल को निलंबित कर दिया था. थाना प्रभारी पुष्पराज पर अधीनस्थ पदाधिकारियों पर नियंत्रण का घोर अभाव के साथ दोनों पुलिस अधिकारी पर कर्तव्यहीनता के साथ पुलिस की छवि को धूमिल करने का का आरोप लगा था.
