चंद्रपुरा से विनोद सिन्हा की रिपोर्ट
Bokaro News: गुरूवार को चंद्रपुरा प्लांट निरीक्षण को आए डीवीसी के कार्यपालक निदेशक (परिचालन) पीपी साह ने प्रभात खबर से बातचीत में कहा कि ऐश पौंड की समस्या के कारण सीटीपीएस के बिजली उत्पादन में कई तरह से बाधा आ रही है. नियमित रूप से ऐश की ट्रांसपोर्टिंग नहीं होने से पौंड भर गया है. पर्यावरण की सुरक्षा को देखते हुए ही प्लांट के जेनरेशन को कम किया गया है.
दो कंपनियों का काम असंतोषजनक
जिन कंपनियों को ट्रांसपोर्टिंग का काम मिला है उनमें दो कंपनियां काम नहीं कर रही है. एक कंपनी जो कर रही है उसका काम भी धीमा चल रहा है. ऐश पौंड से छाई उठाने व परिवहन करने वाली दो कंपनियों का काम संतोषजनक नहीं है और बहुत जल्द दोनों कंपनियों पर कार्रवाई की जाएगी. जितना छाई अभी तक सीटीपीएस के पौंड से उठना चाहिए नहीं उठ पाया है. यहां की छाई का उठाव तेज करने के लिये एसओएस बेसिस पर काम दिया जा सकता है. फिलहाल पौंड के मेढ़ को बढ़ाया जा रहा है.
बी पौंड का काम एक महीने में होगा पूरा
उन्होंने बताया कि बी पौंड में काम एक महीने में पूरा हो जाएगा. इसके बनने से सेफ्टी और सिक्यूरिटी तो बढ़ेगा हीं साथ हीं इसकी क्षमता भी बढ़ जायेगी. उन्होंने कहा कि इस काम के लिये मिनिस्ट्री ऑफ पावर एंड इंवायरमेंट से प्रमिशन लेकर काम आवंटित किया गया है.
चंद्रपुरा में लगेगी 800 मेगावाट की दो सुपर क्रिटिकल यूनिट
उन्होंने कहा कि चंद्रपुरा में 800 मेगावाट की दो सुपर क्रिटिकल यूनिटों के निर्माण के लिए डीवीसी प्रबंधन गंभीर है. बहुत जल्द इसका काम यहां पर शुरू हो जाएगा. प्लांट के लिए यहां पर कोयला, पानी और जगह तीनों उपलब्ध है. यहां पर बहुत जल्द चहारदिवारी निर्माण का काम होगा और डीवीसी कर्मियों को खास जगह पर आवास उपलब्ध कराकर उन्हें शिफ्ट कराया जाएगा. डीवीसी की जमीन पर जो भी अतिक्रमण है उसे हटाया जाएगा. चंद्रपुरा के साथ-साथ कोडरमा और रघुनाथुपर में भी नई यूनिटें लगाई जानी है.
इसे भी पढ़ें: पलामू डीसी ने एमएमसीएच का किया औचक निरीक्षण, व्यवस्था सुधार लाने का दिया अल्टीमेटम
इसे भी पढ़ें: प्रसव पीड़ा के बाद पांकी सीएचसी में भर्ती महिला की मौत, परिवार में मचा कोहराम
