जय झारखंड मजदूर समाज ने 40 प्रतिशत ठेका मजदूरों की छंटनी के आदेश के खिलाफ शनिवार को बीएसएल के कोक ओवेन व कोक केमिकल विभाग के बैटरी नंबर-04 के सामने जन जागरण अभियान चलाया. इस दौरान महामंत्री बीके चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार बोकारो को विशाखापट्टनम समझने की गलती नहीं करें. यह संघर्ष की धरती है. झारखंड राज्य का निर्माण लोगों की खुशहाली के लिए हुई थी, ना कि रोजगार छिनने के लिए. जिन लोगों ने खेत-खलिहान देकर प्लांट निर्माण में सहयोग किया, उन्हें ही बेरोजगार बनाने की दिशा में प्रबंधन आदेश जारी कर रहा है. लेकिन, उनके मंसूबे को पूरा नहीं होने दिया जायेगा. श्री चौधरी ने कहा : पहले से ही इन मजदूरों के वेतन में से मनी कट के रूप मे आर्थिक व मानसिक शोषण होता रहा है. 12 मई को प्लांट के गोलचक्कर में प्रस्तावित हल्ला बोल कार्यक्रम में मजदूर ताकत दिखायेंगे. मौके पर सीकेएस मुंडा, संयुक्त महामंत्री अनिल कुमार, एनके सिंह, रोशन कुमार, आरबी सिंह, तुलसी साहू, एके मंडल, आई अहमद, रामा रवानी, आमोद कुमार, वीके साह, आरआर सोरेन, बादल कोयरी, कार्तिक सिंह, मानिकचंद्र साह व अन्य मौजूद थे.
केंद्र सरकार श्रमिक वर्ग पर लगातार कर रही हमला
केंद्रीय ट्रेड यूनियन बोकारो की बैठक शनिवार को बोकारो इस्पात कामगार यूनियन एटक कार्यालय में हुई. एटक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विद्यासागर गिरि ने कहा कि केंद्र सरकार श्रमिक वर्ग के हितों पर लगातार हमला कर रही है. कॉरपोरेट हितों के लिए खुलेआम काम हो रहा है. इसी के तहत सेल में भी 40% ठेका मजदूरी की छंटनी का भय दिखाया जा रहा है. इस्पात मजदूरों की मांग व छंटनी के खिलाफ 12 मई को एडीएम बिल्डिंग पर प्रदर्शन किया जायेगा. बैठक की अध्यक्षता रामआगर सिंह ने की. एटक के रामाश्रय प्रसाद सिंह, इंटक के दिलीप कुमार मिश्रा, सीटू के आरके गोरांई, यूटीसी के प्रामाणिक, बोकारो कर्मचारी पंचायत के रमाकांत वर्मा मौजूद थे.
