शिक्षकों के अनुसार महाविद्यालय प्रांगण में पहले से ही कम जगह में है, ऐसे में दो तल का शौचालय बनाने से सिर्फ नुकसान ही होगा. शौचालय निर्माण से महाविद्यालय के अस्तित्व पर ही खतरा आ सकता है. चूंकि निर्माण नगर निगम की ओर से किया जा रहा है. इस कारण भविष्य में शौचालय के रख-रखाव के लिए टेंडर होगा. महाविद्यालय में बिना मतलब के थर्ड पार्टी का प्रवेश होगा. जो कि महाविद्यालय के लिए नुकसानदायी है. इसके अलावा अनाधिकारिक लोगों से आम लोगों का परिसर में इंट्री व एक्जिट भी लगातार बने रहने का खतरा भी है.
प्रयोगशाला की जगह बन रहा है सार्वजनिक शौचालय
बोकारो: रणविजय स्मारक इंटर महाविद्यालय चास में डिग्री व इंटर के 1000 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत है. विद्यार्थियों के लिए प्रयोगशाला बनाने के लिए स्थल चयनित किया गया, लेकिन चयनित स्थल पर चास नगर निगम की ओर से सार्वजनिक शौचालय का निर्माण किया जा रहा है. महाविद्यालय के प्राचार्य से शौचालय निर्माण संबंधी एनओसी नहीं […]

बोकारो: रणविजय स्मारक इंटर महाविद्यालय चास में डिग्री व इंटर के 1000 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत है. विद्यार्थियों के लिए प्रयोगशाला बनाने के लिए स्थल चयनित किया गया, लेकिन चयनित स्थल पर चास नगर निगम की ओर से सार्वजनिक शौचालय का निर्माण किया जा रहा है. महाविद्यालय के प्राचार्य से शौचालय निर्माण संबंधी एनओसी नहीं ली गयी. लगभग 25 लाख रुपये की लागत से बन रहे शौचालय का काम अंतिम दौर में है.
शिक्षकों ने लिखी सचिव को चिट्ठी, प्राचार्य ने कहा : मैंने नहीं दिया था आवेदन : महाविद्यालय के शिक्षकों ने मामले को ले सचिव को पत्र लिखा है. पत्र की प्रतिलिपि बोकारो विधायक, चास एसडीओ, चास नगर निगम के कार्यपालक पदाधिकारी व शिक्षक प्रतिनिधि को दी गयी है. प्राचार्य ने पत्र पर हस्ताक्षरित शब्दों में लिखा है कि शौचालय निर्माण संबंध में कोई आवेदन नगर निगम को नहीं दिया था साथ ही निर्माण संबंधी एनओसी भी नहीं दिया गया है.
बैठक कर किया गया था विरोध : प्राचार्य अश्विनी कुमार की माने तो जब शौचालय निर्माण करने के लिए संबंधित विभाग के लोग आये, तो 11 शिक्षकों के साथ बैठक कर निर्माण कार्य का विरोध किया गया. कुछ दिनों तक निर्माण कार्य रूका भी रहा, लेकिन फिर स्थानीय स्तर की साठगांठ से निर्माण दोबारा शुरू हुआ. प्राचार्य से इस बावत सवाल करने पर कि दोबारा आपने विरोध क्यों नहीं किया, तो प्राचार्य ने कहा : मैं इस मामले में दोषी नहीं हूं. मैं सीमा से बाहर निकल कर विरोध नहीं कर सकता.
पत्र अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है. पत्र प्राप्ति के बाद मामले की जानकारी ली जायेगी. आखिर शौचालय निर्माण कैसे हुआ, साथ ही इस संबंध में आगे क्या किया जा सकता है. इसका फैसला बैठक के बाद लिया जायेगा. मामला मेरे सचिव बनने के पहले का है, इस कारण ज्यादा जानकारी नहीं है.
राजेंद्र विश्वकर्मा, सचिव- रणविजय स्मारक इंटर महाविद्यालय चास
बिना एनओसी के निर्माण शुरू ही नहीं हो सकता. बैठक में शामिल होने के लिए शहर से बाहर हूं. इस कारण मामला में ज्यादा कुछ नहीं बोल सकता, लेकिन, महाविद्यालय की ओर से एनओसी जरूर मिला होगा.
जेपी यादव, कार्यपालक पदाधिकारी, चास नगर निगम