बोकारो: राज्य सरकार के निर्देश के आलोक में प्रशासन ने मंगलवार को बोकारो जिला में 29 शेल (मुखौटा) कंपनियों पर छापेमारी की. इसके लिए डीसी राय महिमापत रे ने 12 टीमों का गठन किया था. शेल कंपनियों की चल-अचल संपत्ति के उपयोग, संचालन, हस्तानांतरण व अलगाव पर रोक लगाने के लिए यह छापेमारी की गयी. जांच की जा रही है कि कौन सी कंपनी अस्तित्व में है. क्या कार्य कर रही है. उसके खाते में राशि हस्तानांतरण आदि की भी जांच की जा रही है. टीमों को कुछ कंपनियों के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है. कुछ का पता आदि गलत मिला है.
कौन-कौन थे टीम में : चास एसडीओ सतीश चंद्र, जिला पंचायती राज पदाधिकारी देवनीश कीड़ो, जिला आपूर्ति पदाधिकारी नीरज कुमार, आवासीय दंडाधिकारी मेनका, कार्यपालक दंडाधिकारी अरुणा कुमारी, प्रभाष कुमार दत्ता, मनीषा वत्स, विजय राजेश बारला, डीटीओ संतोष गर्ग, तेनुघाट एसडीओ प्रेम रंजन, बेरमो के कार्यपालक दंडाधिकारी साकेत कुमार सिंहा, टुडू दिलीप आदि.
इन कंपनियों पर पड़े छापे
नालंदा इंजीनियरिंग वर्क्स प्रालि, सिटी सेंटर, सेक्टर 4
यूनिक सर्विस एंड कंस्लटेंसी प्रालि, बोकारो
श्री ओम कोल एंड मिनिरल्स प्रालि, को-ऑपरेटिव कॉलोनी
जय जवान फूड प्रोसेसिंग प्रालि, सिटी सेंटर
रेकॉन रियलिटी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रालि, सिटी सेंटर
फॉरच्यून हाइट्स ट्रेडिंग एंड डेवलपिंग प्रालि, सिटी सेंटर
खानूजा एसोसिएट्स प्रालि, गुरु गोविंद सिंह कॉलोनी, चास
पॉयनियर्स ग्रीन सिटी बिल्डर्स प्रालि, सेक्टर 12
सूर्यभूषण प्रोजेक्ट्स प्रालि, सिटी सेंटर
डायनामिक कॉमर्शियल सर्विसेज प्रालि, को-ऑपरेटिव कॉलोनी
बोकारो राइस मिल्स प्रालि, को-ऑपरेटिव कॉलोनी
लक्सटीन फर्मा प्रालि, को-ऑपरेटिव कॉलोनी
आरा री रोलिंग मिल प्रालि, मेन रोड चास
आयुष मैनुफैक्चरिंग एंड ट्रांसपोर्टेशन प्रालि, बिहार कॉलोनी चास
प्योर नीर फूड प्रालि, भूतनाथ मंदिर,चास
डायनमिक इमेजिन मल्टी ट्रेड लिमिटेड- बाइपास रोड ,चास
लोक नाथ इंटरप्राइजेज प्रालि, लोकनाथ पुरी,चास
निर्मला साइन इंटरप्राइजेज लिमिडेट, चीरा चास
डिजायर मेकर एग्रो लिमिडेट, बाइपास रोड, चास
फ्यूजन स्पाइस प्रालि, रामनगर कॉलोनी, चास
पायनियर न्यू एरा इंडस्ट्रीज लिमिडेट, धनबाद रोड चास
जीवन दीप किसान प्रोड्यूसर, पिंड्राजोरा
श्रीवाली फेरोटेक प्रालि, बियाडा, बालीडीह
इंस्टर्न इंडिया सीमेंट्स प्रालि, बियाडा, बालीडीह
शिव मेडिटेक प्रालि, इंडस्ट्रियल एरिया बालीडीह
कार्ला पोल्टरी प्रालि, चैनपुर, बालीडीह
प्राणेश्वर कंस्ट्रक्शन वर्क्स प्रालि, तेनुघाट
प्रियांकिता बिल्डर्स प्रालि, फुसरो
मां छिन्नमस्तिका बिल्डिटेक प्रालि, पोरदाग पेटरवार
मुख्यमंत्री के निर्देश पर कार्रवाई की गयी है. बोकारो की 29 कंपनियों पर छापेमारी कर जांच की गयी है. रिपोर्ट आने पर उक्त कंपनियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी.
राय महिमापत रे, डीसी, बोकारो
बोकारो में 37 शेल कंपनियां
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पिछले दिनों शेल कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया था. कहा गया था कि कंपनी एक्ट की धारा 250 के प्रावधान के अनुरूप मुखौटा कम्पनियों की अचल संपत्तियों को चिह्नित कर उपायुक्त कस्टडी में लेंगे. भारत सरकार के कॉरपोरेटेट मामलों के मंत्रालय ने झारखंड की जिन 634 कंपनियों को शेल कंपनी के रूप में पहचान की है उनमें बोकारो की 37 कंपनियां शामिल हैं.
क्या होती हैं शेल कंपनियां : शेल कंपनियां कागजों पर चलती हैं. ये किसी तरह से कोई आधिकारिक कारोबार नहीं करती हैं. लेकिन ये कंपनियां मनी लॉन्ड्रिंग का आसान जरिया होती हैं. इन्हें ‘मुखौटा कम्पनी’ या ‘छद्म कम्पनी’ भी कहा जाता है. ये कंपनियां न्यूनतम पेड अप कैपिटल के साथ काम करती हैं. इनका डिविडेंड इनकम जीरो होता है. साथ ही टर्नओवर और ऑपरेटिंग इनकम भी बहुत कम होती है.
नहीं मिलीं कई कंपनियां
छापेमारी के दौरान कई कंपनियों का पता ही नहीं चल पाया. चास में आरा री रोलिंग मिल प्रालि.
आयुष मैनुफैक्चरिंग एंड ट्रांसपोटेशन प्रालि. व प्योर नीर फूड प्रालि नहीं मिली. इन कंपनियों की जांच का जिम्मा कार्यपालक दंडाधिकारी अरुणा कुमारी को दिया गया था.
12 टीमें सौंपेगी रिपोर्ट
डीसी ने सभी टीम के लीडर से कंपनी के बारे में रिपोर्ट देने को कहा है. रिपोर्ट के बाद ही शेल कंपनियों के संबंध में विस्तृत जानकारी मिलेगी. उसके बाद उन कंपनियों पर इनकम टैक्स व अन्य संबंधित विभाग कार्रवाई करेगा.
