29 शेल कंपनियों पर छापा

बोकारो: प्रशासन ने मंगलवार को बोकारो जिला में 29 शेल (मुखौटा) कंपनियों पर छापेमारी की. इसके लिए 12 टीमों का गठन किया गया था. कंपनी एक्ट के प्रावधानों के अनुरूप शेल कंपनियों की चल-अचल संपत्ति के उपयोग, संचालन, हस्तानांतरण व अलगाव पर रोक लगाने के लिए यह छापेमारी की गयी. जांच की जा रही है […]

बोकारो: प्रशासन ने मंगलवार को बोकारो जिला में 29 शेल (मुखौटा) कंपनियों पर छापेमारी की. इसके लिए 12 टीमों का गठन किया गया था. कंपनी एक्ट के प्रावधानों के अनुरूप शेल कंपनियों की चल-अचल संपत्ति के उपयोग, संचालन, हस्तानांतरण व अलगाव पर रोक लगाने के लिए यह छापेमारी की गयी. जांच की जा रही है कि कौन सी कंपनी अस्तित्व में है. क्या कार्य कर रही है.

उसके खाते में राशि हस्तानांतरण आदि की भी जांच की गयी है. टीम को कुछ कंपनियों के बारे में ही जानकारी नहीं मिल सकी है. कुछ का पता गलत मिला है.

छापामारी के लिए गठित टीमों में चास एसडीओ सतीश चंद्र, जिला पंचायती राज पदाधिकारी देवनीश कीड़ो, जिला आपूर्ति पदाधिकारी नीरज कुमार, आवासीय दंडाधिकारी मेनका, कार्यपालक दंडाधिकारी अरुणा कुमारी, प्रभाष कुमार दत्ता, मनीषा वत्स, विजय राजेश बारला, डीटीओ संतोष गर्ग, तेनुघाट एसडीओ प्रेम रंजन, बेरमो के कार्यपालक दंडाधिकारी साकेत कुमार सिंहा, टुडू दिलीप शामिल थे.

किस जिले में कितनी शेल कंपनियां

भारत सरकार के कॉरपोरेटेट मामलों के मंत्रालय ने झारखंड की जिन 634 कम्पनियों को शेल कंपनी के रूप में पहचान की है, उनमें सबसे अधिक रांची-214, जमशेदपुर-151, धनबाद-55, हजारीबाग-51, बोकारो-37, देवघर-25, पलामू-21, गिरिडीह-17, चाईबासा-11, गोड्डा-10 हैं.

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