प्रखंड कार्यालय में मैन पावर की कमी, विकास कार्यों पर असर
चास : चास प्रखंड कार्यालय में मैन पावर की कमी है, जिसका असर विकास कार्यों पर पड़ रहा है. कई विभाग के अधिकारी भी पदस्थापित नहीं है. कर्मियों के कमी के कारण निर्धारित लक्ष्य के अनुसार प्रखंड कार्यालय की ओर से विकास कार्य नहीं हो पा रहा है. इस कारण ग्रामीण क्षेत्र के लोग किसी […]
चास : चास प्रखंड कार्यालय में मैन पावर की कमी है, जिसका असर विकास कार्यों पर पड़ रहा है. कई विभाग के अधिकारी भी पदस्थापित नहीं है. कर्मियों के कमी के कारण निर्धारित लक्ष्य के अनुसार प्रखंड कार्यालय की ओर से विकास कार्य नहीं हो पा रहा है. इस कारण ग्रामीण क्षेत्र के लोग किसी भी कार्य के लिये प्रखंड कार्यालय का चक्कर कई दिनों तक लगाते रहते हैं.
प्रखंडस्तरीय अधिकारियों के नहीं रहने से संबंधित विभाग की कार्य योजना सही ढंग से संचालित नहीं हो पाती है. खासकर चास प्रखंड कार्यालय में दो पद प्रखंड कृषि पदाधिकारी के लिये स्वीकृत पद है. बीते तीन वर्षों से यहां प्रखंड कृषि पदाधिकारी का पद खाली है. किसानों को समय पर कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी नहीं मिल पाती है. साथ ही किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिये काफी संघर्ष करना पड़ता है.
दो वर्षों से खाली है जीपीएस का पद
पूरे राज्य में पंचायती व्यवस्था लागू है. इस व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूती से लागू कराने की जिम्मेदारी जीपीएस की है, लेकिन चास प्रखंड कार्यालय में बीते दो वर्षों से जीपीएस का पद खाली है. इसके कारण बेहतर ढंग से पंचायती राज व्यवस्था का कार्य नहीं हो पा रहा है. चास प्रखंड में सिर्फ 16 पंचायत सेवक कार्यरत हैं, जबकि स्वीकृत पद 54 हैं. पंचायत सेवकों की कमी के कारण एक पंचायत सेवक को दो-तीन पंचायतों का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. इस कारण पंचायत सेवक किसी भी पंचायत में पूरा समय नहीं दे पाते हैं. इसका असर विकास कार्यों पर पड़ रहा है.