यह बातें डीपीएलआर निदेशक सह स्वच्छ भारत अभियान के नोडल पदाधिकारी एसएन उपाध्याय ने गुरुवार को चास प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित सांस्कृतिक भवन में मुखियाओं व स्वच्छताग्रहियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में कही. उन्होंने कहा कि मार्च 2018 तक हर हाल में चास प्रखंड को ओडीएफ बना लेना है. इसके लिए मुखिया सहित अन्य लोगों को सक्रिय होने की जरूरत है.
उन्होंने कहा कि शौचालय निर्माण का कार्य पूरा होने के बाद भी पंचायतों की ओर से उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं आ रहा है. इस पर सभी को गंभीर होना है. मौके पर एसबीएम के जिला समन्वयक अरविंद कुमार गोस्वामी, जिला स्वच्छता प्रेरक मैत्री गांगुली, पीएचइडी के कनीय अभियंता राजीव कुमार, प्रखंड समन्वयक पंकज पांडेय, यूनिसेफ के अमित कुमार, घनश्याम साह आदि मौजूद थे.
