सीमांकन की समस्या. चास थाना व पिंड्राजोरा थाना के अंतर्गत आता है क्षेत्र, आइटीआइ मोड़ बना डेंजर जोन
चास : आइटीआइ मोड़ चास डेंजर जोन बन गया है. आये दिन यहां सड़क दुर्घटना होती रहती है. इस कारण चास व पिंड्राजोरा पुलिस को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. कभी-कभी तो यहां सीमांकन की भी समस्या उत्पन्न हो जाती है. बता दें कि आइटीआइ मोड़ चास थाना व पिंड्राजोरा थाना के अंतर्गत […]
चास : आइटीआइ मोड़ चास डेंजर जोन बन गया है. आये दिन यहां सड़क दुर्घटना होती रहती है. इस कारण चास व पिंड्राजोरा पुलिस को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. कभी-कभी तो यहां सीमांकन की भी समस्या उत्पन्न हो जाती है. बता दें कि आइटीआइ मोड़ चास थाना व पिंड्राजोरा थाना के अंतर्गत आता है.
आइटीआइ मोड़ में अब तक दर्जनों दुर्घटनाएं हो चुकी है. वहीं मोड़ के पास ही ठेला, फुटपाॅथ दुकानदारों व सवारी वाहनों द्वारा सड़क किनारे को अतिक्रमण कर लिया गया है.अतिक्रमण रहने के कारण वाहन चालकों को सामने से आने वाले वाहनों का पता नहीं चल पाता. साथ ही पुरुलिया जाने वाली बस भी मोड़ पर ही सवारी चढ़ाते हैं, जिससे सड़क संकीर्ण हो जाती है.
वहीं नये फोरलेन से भी सभी तरह के वाहनों का आना-जाना लगा रहता है. इसका निदान तभी हो सकता है, जब तक आइटीआइ मोड़ तक सड़क चौड़ी नहीं हो जाती है. हालांकि एनएचएआइ के अधिकारी सड़क का निर्माण कार्य कब तक शुरु करेंगे यह किसी को मालूम नहीं.
केस स्टडी 01
आइटीआइ मोड़ पर संकेत बोर्ड तो लगाया गया है, लेकिन सड़क किनारे अतिक्रमण होने के कारण चालक चकमा खा जाते हैं. बीते 18 अक्तूबर की शाम को आइटीआइ मोड़ पर ही धनडाबर साइड निवासी सोमनाथ राय (24) काम करके अपने घर जा रहा था. इस दौरान नयी हाइवे सड़क की ओर से आ रहे एक ट्रक ने बाइक को अपनी चपेट में ले लिया. हालांकि सोमनाथ की जान बच गयी. गनिमत थी की उसने हेलमेट पहन रखा था, अन्यथा किसी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता था.
केस स्टडी 02
आइटीआइ मोड़ के समीप ही बीते वर्ष दो चचेरे भाईयों की मौत सड़क दुर्घटना में हो गयी थी. पिंटू कुमार महतो (22) व शंकर महतो (35) अपनी बाइक से मामा घर सिमुलिया से अपने घर कालापत्थर लोहपट्टी जा रहे थे. इसी क्रम में आइटीआइ मोड़ के समीप विपरीत दिशा से आ रहे अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए. घटनास्थल पर ही दोनों की मौत हो गयी.
क्या कहते हैं लोग
एनएचएआइ जब तक सड़क का चौड़ीकरण करेगा, तब तो कई दुर्घटनाएं हो चुकी होंगी. हादसा रोकने के लिये ट्रैफिक पुलिस को मोड़ पर अधिक मुस्तैद रहना होगा.
राजाराम सिंह
आइटीआइ मोड़ से होकर ही पुरुलिया, जमशेदपुर व रांची की बसें चलती हैं. यहां जरा सी असावधानी दुर्घटना को आमंत्रण देती है.
सुफल महतो
मोड़ पर ही लंबी दूरी की भारी वाहनों का जमावड़ा लग जाता है. कई बार चालक ट्रैफिक पुलिस से भी उलझ जाते हैं. चालकों पर सख्ती बरतने की जरूरत है.
कन्हैया पांडेय
मोड़ से होकर ही अनुमंडल व रजिस्ट्री कार्यालय जाते हैं. यहां वाहनों का परिचालन भी अधिक रहता है. ट्रैफिक पुलिस कड़ी निगरानी रखें.
राजेश गोप
एनएचएआइ की ओर से सड़क चौड़ीकरण किया जाना है. इसके बाद आधी समस्या समाप्त हो जायेगी. मोड़ पर ट्रैफिक जवान हमेशा तैनात रहते हैं. भारी वाहनों को मोड़ खड़े देखे जाने पर जुर्माना भी लगाया जाता है.