जरूरत पड़ी तो खासमहल से जरीडीह मोड़ तक फ्लाई ओवर बनाने का मामला सरकार के समक्ष रखेंगे. बैठक में सुबह-शाम दो-दो घंटे नो इंट्री लगाने, गांधीनगर थाना के समक्ष से दर्जनों ट्रैक्ट्ररों को हटाने, हाइवा डंपर चालकों का लाइसेंस जांच करने, मुख्य सड़क पर गति अवरोधक बनाने, रिहायशी इलाकों में ट्रकों की गति सीमा 40 किमी प्रतिघंटा करने का भी मामला उठा. बेरमो एसडीएम प्रेम रंजन ने सीओ मुद्दसर मंसूरी व थाना प्रभारी को निर्देश दिया कि सभी पहलुओं पर लोगों से विचार कर अवगत कराये, ताकि इस मुद्दे पर छठ के बाद विस्तारित बैठक की जा सके.
प्रबंधन ने वैकल्पिक मार्ग बनाने से किया इनकार
बेरमो: खासमहल से बेरमो रेलवे गेट तक कोल व छाइ ट्रांसपोर्टिंग के कारण हो रहे भयावह प्रदूषण, सड़क जाम व दुर्घटनाओं को रोकने के उपायों को लेकर बुधवार को करगली अतिथि गृह में विधायक योगेश्वर महतो बाटुल के साथ प्रबंधन, प्रशासन व ट्रक ऑनर एसोसिएशन की बैठक हुई. बीएंडके एरिया के जीएम आरवी सिंह ने […]

बेरमो: खासमहल से बेरमो रेलवे गेट तक कोल व छाइ ट्रांसपोर्टिंग के कारण हो रहे भयावह प्रदूषण, सड़क जाम व दुर्घटनाओं को रोकने के उपायों को लेकर बुधवार को करगली अतिथि गृह में विधायक योगेश्वर महतो बाटुल के साथ प्रबंधन, प्रशासन व ट्रक ऑनर एसोसिएशन की बैठक हुई. बीएंडके एरिया के जीएम आरवी सिंह ने कहा कि पहले एकेके परियोजना से सटे बरवाबेडा होकर कोल ट्रांसपोर्टिंग के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाया जा रहा था. इसी बीच केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा एकेके में सालाना 11 मिलियन टन कोल प्रोडक्शन की पर्यावरणीय स्वीकृति दे दी गयी है. इसके कारण वैकल्पिक मार्ग एरिया भी कोल बेयरिंग एरिया में आ गया है.
इस स्थान पर सड़क बनाने से 80 लाख टन कोल प्रोडक्शन बाधित होगा. अगर डब्ल्यूबीएम सड़क बनायेंगे तो दो-तीन दिन भी नहीं चलेगी. करोड़ों रुपये खर्च कर पीसीसी सड़क भी नहीं बना सकते है. कुरपनिया मुख्य सड़क का चौड़ीकरण पीडब्ल्यूडी को करना है. इसके लिए सड़क की दोनों ओर दुकानों व मकानों को हटाने के लिए सीसीएल की ओर से इवेक्शन आॅर्डर निकाला गया है. गैर सीसीएलकर्मी कंपनी के क्वार्टर में रह रहे हैं तो वह क्वार्टर छोड़ दें. अगर रैयती जमीन है तो उसके बदले सीसीएल नौकरी देने को तैयार है. वहीं, कुरपनिया मुख्य सड़क से सटे दुकानों व बाजार को दूसरी जगह शिफ्ट करने या सड़क की दोनों ओर फेसिंग करने की बात कही गयी. विधायक श्री बाटुल ने कहा कि पीडब्ल्यूडी का लंबा प्रोसेस है, ट्रांसपोर्टिंग के लिए नया मार्ग कैसे बने, इस पर चिंतन करने की जरूरत है.
ये थे उपस्थित : बैठक में एकेके परियोजना के मैनेजर दिलीप कुमार, एसएल यादव, प्रतुल कुमार, गांधीनगर थाना प्रभारी राणा भानु प्रताप सिंह, जमसं के एरिया सचिव ओमप्रकाश सिंह, बिनोद महतो, नवीन पांडेय, बेरमो ट्रक ऑनर एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्येंद्र नारायण सिंह, मंटू नायक, श्रीकांत सिंह उपस्थित थे.