आश्रितों के नियोजन के लिए एक सब कमेटी का गठन कर दिया गया है, जो 31 मार्च तक अंतिम निर्णय देगी. इसके बाद तीनों यूनियनों के नेता क्या करेंगे. आश्रितों को नियोजन दिये जाने का प्रावधान हर हाल में यथावत रखने की जरूरत है. श्री दुबे ने कहा कि मोदी सरकार की गलत नीतियों के कारण कोल सेक्टर की स्थिति काफी खराब है. माइंसों को बंद किया जा रहा है. वीआरएस स्कीम लाने की बात की जा रही है. जब तक जेबीसीसीआइ में इंटक शामिल नहीं होगी, कोयला मजदूरों का कल्याण संभव नहीं है.
तीनों यूनियनों ने प्रबंधन के हित में किया वेज एग्रीमेंट : ददई
बेरमो. इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद चंद्रशेखर दुबे उर्फ ददई दुबे ने कहा कि इतना खराब वेज एग्रीमेंट कभी नहीं हुआ था. वेज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करने वाले एटक, सीटू और बीएमएस के नेताओं ने कोयला मजदूरों के हित में नहीं प्रबंधन के हित में समझौता किया है. बुधवार को प्रभात खबर से […]

बेरमो. इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद चंद्रशेखर दुबे उर्फ ददई दुबे ने कहा कि इतना खराब वेज एग्रीमेंट कभी नहीं हुआ था. वेज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करने वाले एटक, सीटू और बीएमएस के नेताओं ने कोयला मजदूरों के हित में नहीं प्रबंधन के हित में समझौता किया है. बुधवार को प्रभात खबर से फोन पर हुई बातचीत में श्री दुबे ने कहा कि पहले सालाना बोनस कम कराया और अब वेज एग्रीमेंट से कई अहम मुद्दों को गायब करा दिया. आश्रितों के नियोजन, संडे ड्यूटी और संडे ड्यूटी में डबल वेज आदि के बारे में स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है.