कौमी एकता के प्रतीक हैं तेलीडीह साइड की दुर्गा पूजा और मुहर्रम

चास: चास के तेलीडीह साइड में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग एकता और सद्भाव की मिसाल पेश कर रहे हैं. दोनों समुदाय के लोग मिल कर दुर्गा पूजा करते हैं. वहीं, हिंदू युवक मुहर्रम के जंगी दौड़ में शामिल होते हैं और अल्लाह के संदेश वाहक बनते हैं. तेलीडीह साइड गोप टोला के लोग […]

चास: चास के तेलीडीह साइड में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग एकता और सद्भाव की मिसाल पेश कर रहे हैं. दोनों समुदाय के लोग मिल कर दुर्गा पूजा करते हैं. वहीं, हिंदू युवक मुहर्रम के जंगी दौड़ में शामिल होते हैं और अल्लाह के संदेश वाहक बनते हैं. तेलीडीह साइड गोप टोला के लोग श्रीश्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति के बैनर तले दुर्गा पूजा का आयोजन करते हैं.

यहां से मात्र 50 कदम की दूरी पर मुस्लिम टोला के युवक अंजुमन मुहर्रम कमेटी के बैनर तले मुहर्रम का आयोजन करते हैं. दोनों टोला आस-पास होने के कारण दोनों ही पर्वों में साथ मिल कर लोग पूजा व ताजिया भ्रमण में भाग लेते हैं. मुहर्रम पर हिंदू और मुस्लिम समुदाय के युवक लाठी, भाला व तलवार से प्रदर्शन भी करते हैं. एक तरफ जिला प्रशासन 30 सितंबर को ही दुर्गा पूजा का प्रतिमा विसर्जन करने के लिए पूजा समितियों को कह रही है और ताजिया जुलूस के लिए अलग रूट का निर्धारण किया जा रहा है.

वहीं, तेलीडीह साइड के दोनों समुदाय के लोग साथ मिल कर विसर्जन व ताजिया जुलूस में शामिल होकर पर्व का आनंद लेते हैं. तेलीडीह साइड में दुर्गा पूजा के महीनों पहले से हिंदू और मुस्लिम समाज के लोग आपस में मिल कर त्योहार मनाने की योजना बनाते हैं. दुर्गा पूजा में खर्च होने वाली राशि में हिंदुओं के साथ-साथ मुसलमान भी सहयोग करते हैं. यह सहयोग विसर्जन तक उतनी ही गर्मजोशी से कायम रहता है.

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