रविवार को उसका शव गांव पहुंचा. शव पहुंचते ही पूरे गांव में मातम पसर गया. परिजनों के आंसू थम नहीं रहे थे. ओड़िशा के झासुगुडा से जिस एंबुलेंस से जागेश्वर मांझी का शव पोंडा पहुंचा था, उसमें आये उसके एक साथी ने परिजनों को कंपनी की ओर से भेजे गये 14 हजार रुपये दिये.
गांव वालों ने इस पर रोष जताते हुए कहा कि कंपनी ने मौत के बाद उचित मुआवजा तक नहीं दिया. बताया गया कि जागेश्वर 15 सितंबर की रात में झासुगुडा में नेपथा कंपनी की छाई से लदा हाइवा को चलाकर डंप एरिया में जा रहा था. उसी दौरान हाइवा अनियंत्रित होकर पलट गया. उसी में दब कर उसकी मौत हो गयी. ओड़िशा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद कंपनी को भेज दिया. इधर पंचायत के पूर्व मुखिया सह मुखिया प्रतिनिधि हारू रजवार ने कहा है कि अंचल की ओर से मुआवजा दिलाने को लेकर पहल करेंगे.
