दो दिनों में नहीं सौंपे गये बच्चे, तो कोर्ट जायेंगे

रांची : हिनू स्थित शिशु भवन से छह जुलाई को बाल कल्याण समिति 22 बच्चों को लेकर आयी. उन बच्चों की उम्र दो वर्ष से भी कम है. उन बच्चों को अलग-अलग शेल्टर में रखा गया है. इस संबंध में अभिभावकों को भी सूचना दे दी गयी है. अभिभावकों ने शनिवार को पत्रकारों को बताया […]

रांची : हिनू स्थित शिशु भवन से छह जुलाई को बाल कल्याण समिति 22 बच्चों को लेकर आयी. उन बच्चों की उम्र दो वर्ष से भी कम है. उन बच्चों को अलग-अलग शेल्टर में रखा गया है. इस संबंध में अभिभावकों को भी सूचना दे दी गयी है. अभिभावकों ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि शिशु भवन में वैसे बच्चों को रखा जाता है, जिनके माता-पिता की मृत्यु हो जाती है.
इसके अलावा वैसे अभिभावक जो अपने बच्चों को छोटे समय में पालने में सक्षम नहीं होते हैं या गरीब परिवार से होते हैं, वे ही शिशु भवन में बच्चों को रखते हैं. दो वर्ष बाद उन बच्चों को अभिभावकों को सौंप दिया जाता है. पर, बाल कल्याण समिति द्वारा बच्चों को नहीं सौंपा जा रहा है. जबकि, इस संबंध में कई अभिभावकों द्वारा आवेदन भी दिया गया था. अभिभावकों का कहना है कि दो दिनों के अंदर बच्चों को अभिभावकों नहीं सौंपा गया, तो वे उच्च न्यायालय जायेंगे.
अभिभावकों ने मांग की है कि बाल कल्याण समिति सभी बच्चों का जहां से लायी है वहां भेज दें. दो बच्चों को बगैर डीएनए जांच के ही सौंप दिया गया, तो हमारे साथ भेदभाव क्यों हो रहा है? हमारे बच्चे की देखभाल शिशु भवन में अच्छी तरह से हो रही थी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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