ONGC में यह मुकाम पानेवाली पहली महिला बनीं BIT सिंदरी की छात्रा रही चैताली बिस्वास दत्ता

रांची : बीआइटी सिंदरी की छात्रा रही चैताली बिस्वास दत्ता, ओएनजीसी में हेड वेल सर्विसेज के रूप में चयनित हुई हैं. चैताली, बीआइटी सिंदरी में 1978 बैच की केमिकल इंजीनियरिंग की छात्रा रही हैं. अपने बैच की एकमात्र महिला स्टूडेंट रहीं चैताली, आेएनजीसी मुंबई ऑफशोर की वेल सर्विसेज के प्रमुख के तौर पर जिम्मेवारी निभाने […]

रांची : बीआइटी सिंदरी की छात्रा रही चैताली बिस्वास दत्ता, ओएनजीसी में हेड वेल सर्विसेज के रूप में चयनित हुई हैं. चैताली, बीआइटी सिंदरी में 1978 बैच की केमिकल इंजीनियरिंग की छात्रा रही हैं.

अपने बैच की एकमात्र महिला स्टूडेंट रहीं चैताली, आेएनजीसी मुंबई ऑफशोर की वेल सर्विसेज के प्रमुख के तौर पर जिम्मेवारी निभाने को पूरी तरह तैयार हैं.

मालूम हो कि ओएनजीसी के मुंबई ऑफशोर के तहत 1900 तेल के कुएं आते हैं और ओएनजीसी के कुल पेट्रोलियम प्रोडक्शन में इसका योगदान 70% से ज्यादा का है. बताते चलें कि समुद्र की तलहटी पर ड्रिलिंग कर बनाये गये तेल के कुओं को ऑफशोर वेल कहते हैं.

बहरहाल, वेल सर्विसेज के प्रमुख के तौर पर चैताली को तेल के कुअों के रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी निभानी होगी, ताकि उत्पादन सुचारु ढंग से चलता रहे.

पेट्रोलियम इंडस्ट्री में विशुद्ध रूप से यह तकनीकी काम पुरुषों के वर्चस्व वाला रहा है.ऐसे में कहना गलत नहीं होगा कि ओएनजीसी के इतिहास में इस ऊंचे पद तक पहुंचनेवाली पहली महिला बन कर चैताली ने काफी हद तक इस धारणा को तोड़नेकी कोशिश की है कि महिलाएं तकनीकी क्षेत्रों में पुरुषों की बराबरी नहीं कर सकतीं.

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