Money Laundering: 800 करोड़ के धोखाधड़ी मामले में गुजरात के पूर्व मंत्री गिरफ्तार, ACB ने की कार्रवाई

एसीबी की मेहसाणा इकाई ने दूधसागर डेयरी के प्रमुख रहने के दौरान 800 करोड़ की आर्थिक अनियमितता में शामिल होने के आरोप में बुधवार रात को चौधरी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी. चौहान ने बताया कि उनके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

गुजरात के पूर्व गृह मंत्री विपुल चौधरी को राज्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने दूधसागर डेयरी में करीब 800 करोड़ रुपये की कथित अनियमितता के मामले में गिरफ्तार कर लिया है. विपुल को उसके सीए शैलेश पारिख के साथ गिरफ्तार किया गया. विपुल की पत्नी और बेटे पर भी आईपीसी की धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.

विपुल चौधरी और सीए शैलेश पारिख को बुधवार रात एसीबी की टीम ने लिया था हिरासत में

विपुल चौधरी गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (जीसीएमएमएफ) के पूर्व अध्यक्ष हैं. जीसीएमएमएफ के पास अमूल ब्रांड का स्वामित्व है. चौधरी मेहसाणा के दूधसागर डेयरी के भी प्रमुख रहे हैं. एसीबी के संयुक्त निदेशक मकरंद चौहान ने कहा कि भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी ने उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट शैलेश पारिख को भी मेहसाणा से बुधवार रात को हिरासत में लिया था. उन्होंने कहा कि दोनों को कोरोना वायरस की जांच कराने के बाद आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया गया.

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सीआईडी ने पहले भी विपुल चौधरी को किया था गिरफ्तार

एसीबी की मेहसाणा इकाई ने दूधसागर डेयरी के प्रमुख रहने के दौरान 800 करोड़ रुपये की आर्थिक अनियमितता में शामिल होने के आरोप में बुधवार रात को चौधरी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी. चौहान ने बताया कि उनके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. इससे पहले चौधरी को गुजरात अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने उन 14.8 करोड़ रुपये का गबन करने के आरोप में 2020 में गिरफ्तार किया था जिसका इस्तेमाल दूधसागर डेयरी के कर्मियों को बोनस देने के लिए किया जाना था. चौधरी को पशु चारा खरीद में कथित भ्रष्टाचार के आरोप में जीसीएमएमएफ और दूधसागर डेयरी से बर्खास्त कर दिया गया था. चौधरी गुजरात में सहकारिता क्षेत्र के एक जाने माने चेहरे हैं. वह 1996 में शंकर सिंह वाघेला सरकार में गृह मंत्री थे.

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Published by: Arbindkumar mishra

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झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

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लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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