एमसीडी चुनाव: AAP प्रत्याशी शैली ओबेरॉय ने वापस ली याचिका, सुप्रीम कोर्ट ने दी इजाजत, अब इस दिन होगा चुनाव

MCD Mayor Election: पीठ ने कहा कि हम आपको इस आधार पर इसे वापस लेने की अनुमति देंगे कि चुनाव हो रहा है, लेकिन किसी भी शिकायत के मामले में आपको वापस आने की स्वतंत्रता दी जाएगी. इसके साथ ही पीठ ने याचिका को वापस लेने की इजाजत दे दे दी.

MCD Mayor Election: दिल्ली एमसीडी चुनाव को समयबद्ध तरीके से कराने की मांग वाली अपनी याचिका को आम आदमी पार्टी की मेयर प्रत्याशी शैली ओबेरॉय ने वापस ले लिया है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका दायर की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद ओबेरॉय ने याचिका वापस ले ली है. सुप्रीम कोर्ट ने मामले को लेकर कहा था कि अब तो एमसीडी चुनाव 6 फरवरी को होना ही है. लिहाजा, उच्चतम न्यायालय ने शैली ओबेरॉय को दायर याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी.

6 फरवरी को होना है दिल्ली एमसीडी महापौर का चुनाव: गौरतलब है कि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के महापौर का चुनाव तीन दिन बाद यानी छह फरवरी को होना है. चुनाव की तारीख तय होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने शैली ओबेरॉय को याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी. बता दें, छह फरवरी को चुनाव होने की अधिसूचना आने के बाद महापौर चुनाव कराने की मांग से जुड़ी याचिका निरर्थक हो गई है.

वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कही यह बात: सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी को बताया कि याचिकाकर्ता की मुख्य शिकायत महापौर पद के लिये चुनाव नहीं होने को लेकर थी. लेकिन अब चुनाव की अधिसूचना आ गई है. वहीं, अधिवक्ता सिंघवी ने कहा कि छह फरवरी को चुनाव होने की अधिसूचना आने के बाद महापौर चुनाव कराने की मांग से जुड़ी याचिका निरर्थक हो गई है.

सुप्रीम कोर्ट ने कही यह बात: पीठ ने कहा कि हम आपको इस आधार पर इसे वापस लेने की अनुमति देंगे कि चुनाव हो रहा है, लेकिन किसी भी शिकायत के मामले में आपको वापस आने की स्वतंत्रता दी जाएगी. इसके साथ ही पीठ ने याचिका को वापस लेने की इजाजत दे दे दी. बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने 27 जनवरी को ओबेरॉय की याचिका पर सुनवाई के लिए इसे तीन फरवरी को सूचीबद्ध करने पर सहमत हुई थी. याचिका में दिल्ली में महापौर का चुनाव समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी.

नहीं हो सका है महापौर का चुनाव: बता दें, नव-निर्वाचित दिल्ली एमसीडी सदन की पहली बैठक छह जनवरी को आप और भाजपा सदस्यों के हंगामे के बीच स्थगित कर दी गई थी, जबकि दूसरी बैठक भी कुछ पार्षदों द्वारा हंगामे की वजह से बेनतीजा रही, जिसके बाद उपराज्यपाल द्वारा नियुक्त पीठासीन अधिकारी ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिये स्थगित कर दिया था. पिछले साल दिसंबर में हुए एमसीडी चुनाव में आप ने 250 वार्ड में से 134 पर जीत दर्ज की थी. भाजपा 104 वार्ड जीतने में सफल रही थी.

भाषा इनपुट के साथ

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Author: Pritish Sahay

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