संसद का सत्र चल रहा है. इस बीच खबर राजधानी दिल्ली से आ रही है. जानकारी के अनुसार केरल UDF के सांसदों ने विजय चौक पर ‘सिल्वर लाइन प्रोजेक्ट’ के विरोध में प्रदर्शन किया. इस दौरान पुलिस के साथ उनकी धक्का-मुक्की हुई जिसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया आने लगी है.
‘सिल्वर लाइन प्रोजेक्ट’ जनता के हित के ख़िलाफ
विजय चौक पर प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि केरल सरकार द्वारा लाया गया ‘सिल्वर लाइन प्रोजेक्ट’ जनता के हित के ख़िलाफ है. केरल के 30,000 लोग इससे सहम गये हैं. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों की परेशानी देखें और इस प्रोजेक्ट को आने से रोके.
ये बेहद शर्मनाक
विजय चौक पर केरल सरकार के ‘सिल्वर लाइन प्रोजक्ट’ को लेकर प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की पर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने आगे कहा कि केरल के सांसद शांतिपूर्ण तरीके प्रदर्शन कर रहे थे, इसी दौरान पुलिस ने हमारे साथ हाथापाई की, ये बेहद शर्मनाक है. 10-12 सांसद उस दौरान वहां थे.
केरल से जुड़ी परियोजनाओं को लेकर राजनीति
इससे पहले बुधवार को रेल मंत्रालय के कामकाज पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए मार्क्सवार्दी कम्युनिस्ट पार्टी सदस्य जॉन ब्रिटास ने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि वह केरल से जुड़ी परियोजनाओं को लेकर राजनीति कर रही है. उन्होंने केरल सरकार की सिल्वर लाइन ट्रेन परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि अब पर्यावरण मुद्दों का हवाला देते हुए केंद्र इसका विरोध कर रहा है. माकपा सदस्य ने आरोप लगाया कि केरल सरकार के खिलाफ भाजपा और कांग्रेस मिले हैं.
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वी मुरलीधरन ने क्या कहा
संसदीय कार्य राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने माकपा सदस्य द्वारा लगाये गये आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि इस सरकार ने केरल के आवंटन में खासी वृद्धि की है. उन्होंने पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के कार्यकाल में केरल को किये गये आवंटन के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि उस समय की तुलना में मौजूदा सरकार ने काफी वृद्धि की है. यूपीए सरकार के दौरान केंद्र में केरल के आठ मंत्री थे लेकिन इसके बाद भी राज्य का आवंटन काफी कम रहा. उन्होंने सिल्वर लाइन परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार या रेल मंत्रालय ने इस परियोजना को मंजूरी नहीं दी है. उन्होंने इस परियोजना से पारिस्थितिकी को नुकसान होने की आशंका जताते हुए कहा कि राज्य सरकार इस पर एक लाख करोड़ रुपये खर्च करने की बात कर रही है जबकि उसने एक अन्य रेल परियोजना के लिए 1,000 करोड़ रूपए देने में असमर्थता जतायी.
भाषा इनपुट के साथ
Posted By : Amitabh Kumar
