ठग सुकेश चंद्रशेखर के आरोपों के बाद डीजी जेल संदीप गोयल का तबादला, संजय बेनीवाल को चार्ज

कुछ दिनों पहले ठग सुकेश चंद्रशेखर ने एलजी को पत्र लिखकर यह बताया था कि जेल में संरक्षण देने और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए उसने आम आदमी पार्टी को 10 करोड़ रुपये दिये थे.

तिहाड़ जेल में बंद ठग सुकेश चंद्रशेखर द्वारा लगाये गये आरोपों के बाद डीजी जेल संदीप गोयल का तबादला कर दिया गया है. उनकी जगह संजय बेनीवाल लेंगे. यह आदेश आज डिप्टी सेक्रेटरी होम की ओर से जारी किया गया है. संदीप गोयल 2019 से जेल डीजी थे. वे 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं.


आप को दिये थे 10 करोड़ रुपये 

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ठग सुकेश चंद्रशेखर ने एलजी को पत्र लिखकर यह बताया था कि जेल में संरक्षण देने और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए उसने आम आदमी पार्टी को 10 करोड़ रुपये दिये थे. सुकेश चंद्रशेखर ने जेल से एलजी को चिट्ठी लिखी और उस चिट्ठी में उन्होंने कई गंभीर आरोप आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन पर लगाये और उसने मामले की जांच करने की बात कही थी, जिसके बाद डीजी जेल संदीप गोयल का तबादला कर दिया गया है.

कई अधिकारियों पर गिरेगी गाज

सुकेश की चिट्ठी के बाद तिहाड़ जेल के कई पुलिस अधिकारी पर गाज गिरने वाली है. जांच में ऐसी बात सामने आयी है कि कई पुलिस अधिकारी सुकेश से पैसे लेते थे. सुकेश ने सत्येंद्र जैन पर आरोप लगाते हुए कहा है कि 2015 से मैं आम आदमी के संपर्क में हूं. प्रोटेक्शन मनी के तौर पर उसने मंत्री को 10 करोड़ रुपये दिये.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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