दिल्ली में एक महीने तक धारा 144 लागू, 30 दिनों तक इन चीजों पर रहेगी पाबंदी, जानें कारण

कल किसानों का प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन शुरू हो रहा है. किसान संगठनों ने दिल्ली चलो मार्च का आह्नान किया है. वहीं, हरियाणा और दिल्ली पुलिस आंदोलन को लेकर पूरी तरह अलर्ट है. दिल्ली पुलिस ने पूरी दिल्ली में एक महीने तक धारा 144 लागू कर दिया है.

किसानों के कल यानी सोमवार से प्रस्तावित दिल्ली चलो मार्च को देखते हुए दिल्ली में धारा 144 लागू कर दी गई है. दिल्ली के कमिश्नर संजय अरोड़ा ने सोमवार को घोषणा करते हुए कहा कि अब पूरी दिल्ली में धारा 144 लागू कर दी गई है. इससे पहले रविवार को उत्तर पूर्वी दिल्ली और यूपी की सीमाओं पर सीपीसी की धारा 144 लागू की थी. दरअसल दिल्ली पुलिस ने  किसानों के दिल्ली चलो मार्च के कारण बड़े पैमाने पर तनाव और सामाजिक अशांति के खतरे की आशंका को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी में एक महीने के लिए आपराधिक दंड प्रक्रिया संहिता यानी सीआरपीसी (CRPC) की धारा 144 लागू कर दी है. पुलिस ने संभावना जताई है कि मार्च के दौरान किसान पंजाब, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से दिल्ली में प्रवेश करने की कोशिश करेंगे.

किन चीजों पर रहेगा प्रतिबंध
धारा 144 लागू हो जाने के कारण राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सभा करने, जुलूस या रैलियां निकालने और लोगों को लाने और ले जाने वाली ट्रैक्टर ट्रॉली के प्रवेश पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा. दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा ने जारी आदेश के जरिए किसी भी प्रकार की रैली या जुलूस निकालने और सड़कों को अवरुद्ध करने पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी है. दिल्ली में यह आदेश 12 फरवरी से अगले एक महीने यानी 12 मार्च तक लागू रहेगा. इस आदेश के बाद अब ट्रैक्टर रैलियों के दिल्ली में प्रवेश पर पूरी तरह रोक लग जाएगी. दिल्ली पुलिस का कहना है कि किसानों की प्रस्तावित दिल्ली चलो रैली के नई दिल्ली में प्रवेश करने से यहां तनाव, सार्वजनिक उपद्रव, सार्वजनिक परेशानी, के साथ साथ सामाजिक अशांति फैलने का खतरा है. और हिंसा होने का खतरा है.

दिल्ली पुलिस ने अपने आदेश में कहा है कि धारा 144 के तहत दिल्ली के क्षेत्र के भीतर सार्वजनिक स्थानों पर तेजाब जैसे पदार्थों, विस्फोटकों, आग्नेयास्त्रों या हथियारों को ले जाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा. दिल्ली पुलिस हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सीमाओं से आने वाले सभी वाहनों की कड़ी और गहन जांच करेगी. आदेश में आगे कहा गया है कि मौखिक, लिखित या इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से भावनाओं को भड़काने वाले बयान, नारे और भाषण देने पर प्रतिबंध रहेगा.

असामाजिक तत्व उठा सकते हैं मौके का फायदा
दिल्ली पुलिस ने अपने आदेश में कहा है कि किसानों के प्रदर्शन में भाग लेने वाले लोग दिल्ली में प्रवेश करने के लिए परिवहन के साधन के रूप में ट्रैक्टर, ट्रॉली, ट्रेलर का उपयोग कर सकते हैं. इनसे सड़कों पर अनिवार्य रूप से एक बड़ा खतरा पैदा हो सकता है और इससे ट्रैफिक अनावश्यक रूप से जाम हो सकता है. जिस कारण दिल्ली के निवासियों के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है. वहीं, पुलिस का कहना है कि आशंका है कि कुछ असामाजिक तत्व प्रदर्शनकारी समूह स्थिति का फायदा उठा सकते हैं और दिल्ली में शांति, सार्वजनिक व्यवस्था के साथ-साथ कानून व्यवस्था के लिए हानिकारक गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं. भाषा इनपुट के साथ

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Author: Pritish Sahay

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