पैसे के लिए यह कैसा खेल, रात में ही महिला की मौत, पर सुबह तक चलता रहा इलाज

जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की सख्ती के बावजूद कई प्राइवेट अस्पतालों ने कोरोना के इलाज के िलए मरीजों के परिजनों से मनमानी राशि वसूली. मरीज बेड तक पहुंचा भी नहीं होता है कि अस्पताल पहले ही एकमुश्त राशि जमा करवा लेते हैं.

पटना. जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की सख्ती के बावजूद कई प्राइवेट अस्पतालों ने कोरोना के इलाज के िलए मरीजों के परिजनों से मनमानी राशि वसूली. मरीज बेड तक पहुंचा भी नहीं होता है कि अस्पताल पहले ही एकमुश्त राशि जमा करवा लेते हैं. फिर एक के बाद एक जांच और हजारों का बिल थमाने का दौर शुरू हो जाता है. प्रभात खबर ने ऐसे पीड़ितों को खुल कर अपनी बात अखबार से शेयर करने का मौका दिया. इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने प्रभात खबर को फोन कर अपनी परेशानियां शेयर कीं.

मां की मौत की सूचना अस्पताल ने नहीं दी, पैसे के लिए करते रहे इलाज

यह शिकायत भागवत नगर िस्थत एक अस्पताल से जुड़ी है. पटना के रूपसपुर के धनौत सराय नगर निवासी अमित कुमार की कोरोना संक्रमित मां गायत्री देवी वहां आठ मई को भर्ती हुई थी. भर्ती होने समय ही 45 हजार रुपये जमा करा लिये गये. अमित ने बताया आठ मई को मां से वीडियो कॉलिंग पर काफी अच्छे से बातचीत हुई. लेकिन, मां से मिलने नहीं दिया गया. मैं घर चला आया.

10 मई की सुबह वहां के एक कर्मी से फोन पर बात की तो पता चला कि नौ मई को ही मां की मौत हो गयी थी, पर वहां के डॉक्टरों ने मुझे कोई सूचना नहीं दी. जब अमित अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने कहा कि उनकी मां का इलाज चल रहा है. अगर मां की मौत का पता नहीं चलता तो पैसे के लिए पता नहीं कब तक इलाज करते रहते.

13 दिनों में थमाया छह लाख का बिल, डीएम व थाने में शिकायत

भागवत नगर के उसी अस्पताल में 20 अप्रैल को 45 वर्षीया कोरोना मरीज श्यामा देवी को भर्ती कराया गया था. चांदमारी रोड की श्यामा के पति अशोक कुमार ने बताया कि पत्नी को सीसीयू में भर्ती किया गया. एक मई को डिस्चार्ज कर दिया गया. ऐसे में महज 13 दिनों का बिल करीब छह लाख रुपये दिया गया.

उनका कहना है कि मैंने प्रशासन की ओर से तय रेट का हवाला भी दिया, िफर भी अस्पताल ने एक नहीं सुनी और पूरी रकम वसूल ली. पत्नी सीसीयू में भर्ती थी, जबकि भर्ती वाले दिन से ही आइसीयू का चार्ज लिया गया. वहीं उन्होंने अस्पताल कर्मियों पर पत्नी की सोने की चेन चुराने का आरोप भी लगाया. उन्होंने अगमकुआं थाना, एसएसपी के वाट्सएप नंबर व डीएम कार्यालय में शिकायत भी की है.

शिकायत के बाद हो रही कार्रवाई

पटना की सिविल सर्जन डॉ विभा कुमारी कहती है कि कई निजी अस्पतालों को लेकर मरीज के परिजनों ने शिकायत की है. धावा दल की टीम पहुंच कर कार्रवाई कर रही है. कई अस्पतालों पर कार्रवाई भी की जा चुकी है. किसी की मनमानी नहीं चलेगी. जांच के बाद कार्रवाई की जायेगी.

Posted by Ashish Jha

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By Prabhat khabar news desk

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