Madhubani School Orchestra Viral Video बिहार के मधुबनी जिले के एक स्कूल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो मधुबनी जिले के कलुआही थाना क्षेत्र स्थित मध्य विद्यालय, हरिपुर गौड़ीदास टोल परिसर का बताया जा रहा है. स्थानीय लोगों के अनुसार, जन्माष्टमी पूजा के अवसर पर यहां आर्केस्ट्रा कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. कार्यक्रम के दौरान एक डांसर के हाथ में बंदूक जैसी चीज दिखाई दे रही है, जिसकी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है.
कलुआही थाना प्रभारी पायल भारती ने वायरल वीडियो की जांच की. उन्होंने मंगलवार शाम बताया कि डांसर के हाथ में असली बंदूक नहीं, बल्कि बंदूक जैसी दिखने वाली सिगरेट लाइटर थी. हालांकि, थाना प्रभारी ने कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति को लेकर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि कार्यक्रम के लिए थाने में आवेदन दिया गया था, लेकिन पुलिस की ओर से इसकी अनुमति नहीं दी गई थी.
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स्कूल में आर्केस्ट्रा पर भी उठे सवाल
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, डांसर के हाथ में पिस्तौल जैसी चीज लहराने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया. कलुआही थानाध्यक्ष पायल भारती ने कथित नर्तकी को थाने बुलाकर सत्यापन कराया. जांच में पता चला कि कार्यक्रम के दौरान लहराई गई पिस्तौल नकली थी. इसके बावजूद पुलिस ने उस वस्तु को जब्त कर लिया है. पुलिस ने डांसर को भविष्य में पिस्तौल जैसी वस्तु लेकर डांस नहीं करने की हिदायत दी है। साथ ही, कार्यक्रम के आयोजकों को भी इस तरह की हरकत दोबारा नहीं करने के लिए कहा गया है.
थानाध्यक्ष ने बताया कि सरकारी विद्यालय परिसर में आर्केस्ट्रा कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति पूजा समिति को शिक्षा विभाग से मिली थी या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है. इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी, मधुबनी को पत्र लिखा गया है. पुलिस ने उनसे जानकारी मांगी है कि स्कूल परिसर में इस तरह के कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति दी गई थी या नहीं.
जन्माष्टमी पूजा में आर्केस्ट्रा विवाद
पुलिस के अनुसार, मध्य विद्यालय हरिपुर गौड़ीदास टोल परिसर में कई मंदिर हैं और यहां वर्षों से छह दिवसीय जन्माष्टमी पूजा का आयोजन होता आ रहा है. भगवान कृष्ण के जन्म से लेकर छठिहार तक पूजा का आयोजन श्रद्धापूर्वक किया जाता है. हालांकि, इस बार आर्केस्ट्रा कार्यक्रम के दौरान अश्लील गीत बजाए जाने और हथियार जैसी वस्तु लहराए जाने के मामले ने पूजा समिति और आयोजकों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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