हाजीपुर (वैशाली) : महात्मा गांधी सेतु पुल के पाया संख्या 35 के समीप पश्चिमी लेन में बुधवार की सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गयी, जब चलती हुई कार में अचानक आग लग गयी. हालांकि, इस हादसे में कार में सवार लोग बाल-बाल बच गये. घटना की सूचना मिलते ही पटना और हाजीपुर से दमकलकर्मी पहुंचे, लेकिन कार पूरी तरह से जल गयी.
जानकारी के अनुसार, कार पटना के बेलीरोड अांबेडकर पथ निवासी अवकाश प्राप्त इंजीनियर जनक राम की थी. वे अपनी पत्नी और पुत्र के साथ सीतामढ़ी स्थित पैतृक गांव में आयोजित मौसी के श्राद्धकर्म में शामिल होने जा रहे थे. अहले सुबह 5.45 बजे कार सेतु के पाया संख्या 35 से गुजर रही थी. कार जनक राम स्वयं चला रहे थे. सेतु के पूर्वी लेन से गुजर रहे किसी वाहन चालक के इशारे पर उन्होंने कार को रोका. उन्होंने देखा कि कार के इंजन में आग लगी हुई है.
जनक राम ने कार का बोनट खोलने का प्रयास किया, लेकिन बोनट लॉक हो गया था. इसके बाद उन्होंने देखा कि कार की पीछे के दोनों गेट भी लॉक हो गये हैं. इससे वे घबरा गये. पत्नी और बेटे जिम्मी रंजन को ड्राइवर की सीट पर आकर उसी गेट से बाहर निकलने का इशारा किया. पत्नी और बेटे को कार से सुरक्षित निकालने के बाद उन्होंने अपने परिचितों को घटना की सूचना दी.
कार सेफ्टी एक्सपर्ट अमित कुमार ने बताया कि आग की 70 फीसदी घटना नकली मोटर पार्ट्स के इस्तेमाल के कारण होती है. ये पार्ट्स कभी भी जल जाते हैं. मेकैनिक वायर को बीच से काट कर पार्ट्स को जोड़ देते हैं, जिससे शॉट सर्किट होती है. लूज वायरिंग स्पार्क की वजह बनती है.
