अपहरण होने के बाद अपराधियों ने फिरौती की रकम जिस मोबाइल से मांगी है, बिदुपुर का है
बड़ा मामला होने के बावजूद फिरौती की रकम तीन किस्तों में दी गयी
बिदुपुर : अपहरण कांड को लेकर मोबाइल लोकेशन के आधार पर छत्तीसगढ़ पुलिस ने बिदुपुर थाना क्षेत्र के बालाटार ग्राम में छापेमारी की. बताया जाता है कि मामला हाई प्रोफाइल होने को लेकर आरक्षी अधीक्षक के निर्देश पर बिदुपुर पुलिस के सहयोग से गुप्त रूप से छापेमारी की गयी. हालांकि इस छापेमारी में पुलिस खाली हाथ लौट आयी, लेकिन अपहरण से जुड़े कई अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार बलौदा बाजार भाटापारा के जिलाधिकारी के रिश्तेदार का विगत एक सप्ताह पूर्व अपहरण हो गया. अपहरण होने के बाद अपराधियों ने फिरौती की रकम जिस मोबाइल से मांगी थी, वह बिदुपुर के बालाटार का बताया गया है.
हालांकि इतनी बड़ी मामला होने के बाद भी फिरौती की रकम तीन किस्तों में दी गयी. संयोगवश जिस खाते में रकम दी गयी, वह भी बिहार का ही निकला, जो पटना के पारस हॉस्पिटल में कार्यरत नर्स का था. पुलिस मामले की छानबीन शुरू की तो पता चला कि जिस खाते में तीन किस्तों में रकम गयी, वह पारस हॉस्पिटल के नर्स किरण कुमारी का निकला. पुलिस ने जब किरण की खोज की तो उसके तार बिदुपुर से जुड़े मिले और छत्तीसगढ़ पुलिस ने बिदुपुर पुलिस के सहयोग से छापेमारी की.
छापेमारी का नेतृत्व कर रहे छत्तीसगढ़ के गिजौरी थाना के पुलिस के वरीय पदाधिकारी पुनिराम टंडन और तहसीलदार शंकर लाल सिन्हा ने बताया कि मोबाइल टावर के लोकेशन के आधार पर कुछ सुराग मिले हैं, जिसे वरीय पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा. बताया गया कि पुलिस ने नर्स किरण की खोज में मोबाइल लोकेशन के आधार पर बिदुपुर थाना क्षेत्र के बालाटार निवासी शत्रुघ्न प्रसाद के घर पर छापेमारी की. लेकिन शत्रुघ्न प्रसाद के घर पर मोबाइल टावर मिला,
जिस मोबाइल टावर से लगातार फिरौती की रकम मांगी गयी थी. हालांकि इस दौरान पुलिस ने कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया और यह कहकर टाल दिया कि मामला हाई प्रोफाइल है. छापेमारी में छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ बिदुपुर पुलिस अवर निरीक्षक भोला सिंह, विजय पासवान एवं अन्य पुलिस बल मौजूद थे.
