ठंड से जनजीवन प्रभावित, घरों में सिमटे लोग

सर्दी का सितम. न्यूनतम नौ डिग्री व उच्चतम 18 डिग्री सेल्सियस रहा जिले का तापमान पूरे दिन गर्म कपड़ों में लिपटे रहे लोग, अलाव बना सहारा पछुआ हवा ने बढ़ायी परेशानी, लेकिन किसान खुश हाजीपुर : पहाड़ों पर हुई बर्फबारी का असर वैशाली जिले पर भी पड़ा है, जिससे शहर और गांव के लोग ठंडक […]

सर्दी का सितम. न्यूनतम नौ डिग्री व उच्चतम 18 डिग्री सेल्सियस रहा जिले का तापमान

पूरे दिन गर्म कपड़ों में लिपटे रहे लोग, अलाव बना सहारा
पछुआ हवा ने बढ़ायी परेशानी, लेकिन किसान खुश
हाजीपुर : पहाड़ों पर हुई बर्फबारी का असर वैशाली जिले पर भी पड़ा है, जिससे शहर और गांव के लोग ठंडक महसूस कर रहे हैं. हाड़ कंपकपाने वाली ऐसी सर्दी पड़ी कि लोगों को अलाव से भी राहत नहीं मिल रही है. सड़कों पर सन्नाटा छा गया है. शाम होते ही ऐसा महसूस हो रहा कि शरीर के अंग गल जायेंगे. लोग घरों में रहने को विवश हो गये हैं. शाम ढलते ही कोहरे छा रहे है. बुधवार को भी सूर्यदेव ने लोगों को अपने दर्शन दिये. गांवों में शीतलहर का प्रकोप ज्यादा है. सर्द हवा के आगे लोग बेबस नजर आ रहे हैं. कल तापमान ने पिछले एक दशक का रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. पश्चिम दिशा की ओर से चलने वाली हवा पूरे दिन 16 किमी की रफ्तार से चलती रही.
अलाव की व्यवस्था भी नहीं : हाजीपुर, भागवानपुर, देसरी, महनार, बिदुपुर जैसे जिले के क्षेत्र में पड़ने वाले रेलवे स्टेशन परिसर में और बस स्टैंडों में अलाव की व्यवस्था नहीं होने से यात्री परेशान दिखे. ट्रेनों के इंतजार में यात्रियों विवशता वश ठंड झेलनी पड़ी. शाम ढलते-ढलते ठंड और बढ़ गयी. देर रात में यात्रा करने वाले यात्रियों को ठंड नहीं काफी रूलाया. सबसे बुरी हालत छोटे बच्चों की दिखी.
रबी फसल के लिए अभी फायदेमंद है शीतलहर : चल रही शीतलहर रबी फसल के लिए फायदेमंद है. स्थानीय कृषि के जानकारों ने कहा कि शीतलहर का सबसे ज्यादा लाभ गेहूं, मक्का जैसे फसलों को होगा. इस दौरान गेहूं और मक्का की फसल में वृद्धि काफी तेज होगी जिससे गेहूं की उपज बेहतर होने की संभावना बढ़ी है. यदि शीतलहर नहीं होती, तो गेहूं या मक्का की फसलें बेहतर उपज नहीं दे पाती और उनके बालियां छोटी-छोटी निकलती. लेकिन आलू के उत्पादक या किसान परेशान हैं,
क्योंकि इससे आलू पर झुलसा रोग का प्रकोप बढ़ जायेगा.
पछुआ हवा के कारण बढ़ी परेशानी
चेहराकलां. कई दिनों से लगातार पर रही कड़ाके की ठंड से राहत मिलने की आसार पर बुधवार को पछुआ हवा ने पानी फेर दिया. उल्लेखनीय है कि बुधवार को कुहासे नहीं होने व बादल साफ होने से लोगों में ठंड से राहत मिलने की उम्मीद जगी थी. परंतु अचानक मौसम के बदलते मिजाज के कारण जोरों की चली ठंडी पछुआ हवा ने राहत मिलने की बजाये परेशानी और बढ़ा दी. ठंडे मौसम की कहर से कारोबारी, मजदूर सहित सभी वर्गों के लोगों के जनजीवन पर व्यापक असर हुआ है. इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर चौक- चौराहों सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था नहीं कराने के कारण लोगों में आक्रोश बनी हुयी है. लोगों द्वारा सामूहिक सहयोग से विभिन्न चौक-चौराहों पर सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था किया जा रहा है.

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