कैंडल मार्च के जरिए महिलाओं ने दी पर्यटकों को श्रद्धांजलि, आतंक के खिलाफ उठी बुलंद आवाज

हर चेहरा दुख से भरा था, लेकिन आतंक के खिलाफ एक बुलंद आवाज भी नजर आ रही थी

सुपौल. सुपौल की धरती पर देशभक्ति की एक अनूठी मिसाल उस वक्त देखने को मिली, जब कश्मीर के पहलगांव में हुए कायराना आतंकी हमले के खिलाफ जन आक्रोश उमड़ पड़ा. मारवाड़ी महिला समिति, मारवाड़ी युवा मंच, श्याम परिवार एवं मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त तत्वावधान में सैकड़ों महिलाओं व पुरुषों ने कैंडल मार्च निकालकर शहीद पर्यटकों को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की. भारत माता की जयकारों और देशभक्ति के नारों से गूंजते इस मार्च में महिलाओं के हाथों में जलती मोमबत्तियां थीं और दिलों में था मातृभूमि के प्रति अटूट प्रेम. हर चेहरा दुख से भरा था, लेकिन आतंक के खिलाफ एक बुलंद आवाज भी नजर आ रही थी. मार्च का नेतृत्व कर रहीं समिति की सचिव विद्या मोहनका ने भावुक स्वर में कहा, हमारी सरकार से मांग है कि इस कायराना हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया जाए. जो आतंकवादी हमारे निर्दोष नागरिकों की जान लेते हैं, उन्हें मौत से कम कोई सजा नहीं मिलनी चाहिए. अब देश चुप नहीं बैठेगा. हम मौत के बदले मौत चाहते हैं. कैंडल मार्च में शामिल महिलाओं ने एक सुर में आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की और शहीदों की आत्मा की शांति के लिए मौन रखा. इस मौके पर मारवाड़ी महिला सम्मेलन की अध्यक्ष राखी अग्रवाल, मारवाड़ी युवा मंच के अंतेश अग्रवाल, कुणाल मोहनका, श्याम परिवार के अध्यक्ष दामोदर प्रसाद, पवन अग्रवाल, धीरज अग्रवाल, शरद मोहनका, रमेश मिश्र, सुमित अग्रवाल, अमित अग्रवाल, मयंक अग्रवाल, आर्यन मोहनका आदि मौजूद थे.

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