वीरपुर पाकिस्तान पर हुई एयर स्ट्राइक के बाद भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता चरम पर पहुंच गई है. विशेषकर सुपौल जिले के वीरपुर अनुमंडल अंतर्गत इंडो-नेपाल सीमा पर तैनात 45वीं वाहिनी एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) ने निगरानी एवं पेट्रोलिंग को काफी तेज कर दियाहै. साथ ही सीमावर्ती इलाकों में स्थानीय पुलिस की भी सक्रियता बढ़ गई है. गुरुवार को सीमा पर मौजूद एसएसबी की सभी बीओपी (बॉर्डर आउट पोस्ट) पर जवानों को अत्यधिक सतर्क एवं मुस्तैद देखा गया. जवानों द्वारा क्षेत्र में नियमित गश्त, संदिग्धों की निगरानी एवं चौकसी बढ़ा दी गई है. 45वीं बटालियन के कमांडेंट गौरव सिंह ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए पूरे देश में हाई अलर्ट घोषित किया गया है, और इंडो-नेपाल बॉर्डर भी इससे अछूता नहीं है. उन्होंने कहा, “भारत-नेपाल की खुली सीमा एक बड़ी चुनौती है, ऐसे में किसी भी प्रकार की चूक को रोकने के लिए हमारी निगरानी व्यवस्था पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है. कमांडेंट सिंह ने यह भी बताया कि 45वीं बटालियन के जितने भी जवान अवकाश पर थे, उन्हें तत्काल ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं. देश की सुरक्षा सर्वोपरि है. हम पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं. बढ़ी हुई सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी भी संभावित घुसपैठ, संदिग्ध गतिविधि या आतंकी साजिश को समय रहते रोकना है. स्थानीय प्रशासन भी एसएसबी के साथ मिलकर स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है.
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