तीनटोलिया बड़ी दुर्गा मंदिर बना आस्था का केंद्र

शारदीय नवरात्र को लेकर तैयारियां पूरी

-सच्चे मन से मां की आराधना करने वाले भक्तों की मनोकामना होती हैं पूरी – शारदीय नवरात्र को लेकर तैयारियां पूरी सरोज कुमार महतो, प्रतापगंज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत चिलोनी उत्तर पंचायत के वार्ड संख्या आठ स्थित तीनटोलीया बड़ी दुर्गा मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. करीब डेढ़ सौ वर्ष पुराने इस मंदिर की ख्याति न केवल सुपौल जिले बल्कि राज्य के विभिन्न हिस्सों और पड़ोसी देश नेपाल तक फैली हुई है. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मां की आराधना करने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है. मंदिर की स्थापना सबसे पहले फूस के घर में हुई थी. बाद में ग्रामीणों के सहयोग से टीन शेड और फिर पक्के मंदिर का निर्माण कराया गया. मंदिर से सटे एक प्राचीन कदम का पेड़ आज भी जस का तस खड़ा है. वर्तमान में मंदिर परिसर लगभग तीन बीघा भूमि पर फैला है. पूजा-अर्चना की परंपरा शुरुआती समय में ग्रामीणों द्वारा मां की पूजा की जाती थी. इसके बाद स्वर्गीय हुलाय आचार्य और उनके वंशजों ने पूजा की परंपरा को आगे बढ़ाया. वर्तमान में आचार्य परिवार के रोहित आचार्य पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर रहे हैं. ग्रामीणों और समिति के सहयोग से करोड़ों की लागत से भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया है. इस वर्ष ठरहा मटियारी (सुपौल) निवासी सुरेंद्र यादव ने माता की नई मूर्ति दान दी है, जिसे शिवपूजन और दिनेश नामक कलाकार बना रहे हैं. सप्तमी पूजा में छग बली देने की परंपरा है, जबकि अष्टमी की रात को समिति द्वारा निशा बली दी जाती है. यहां भैसा बली की भी परंपरा है, जिसे समिति ही अदा करती है. सुरक्षा और सुविधाएं श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए नवमी के दिन प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस बल और समिति के वालंटियर मौजूद रहते हैं. मंदिर परिसर और पंडाल में सीसीटीवी लगाए गए हैं. मेले में पानी, रोशनी, शौचालय जैसी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है. यातायात के लिए एनएच 27 से लेकर मंदिर तक पक्की सड़क बनी है और ऑटो रिक्शा समेत अन्य साधन हर समय उपलब्ध रहते हैं. सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम नवरात्र के दौरान प्रतिदिन रात्रि भजन-कीर्तन और बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले लगाए गए हैं. सप्तमी, अष्टमी, नवमी और दशमी को ग्रामीण नाच का आयोजन होगा. वहीं, 03 अक्टूबर को भोजपुरी गायिका ज्योति माही और गायक सुंदर सामंजस जी अपने कलाकारों के साथ प्रस्तुति देंगे. इसके अलावा 04-05 अक्टूबर से 24 घंटे का रामधुन अष्टयाम संकीर्तन भी आयोजित होगा. मंदिर समिति के अध्यक्ष बीडीओ अमरेश कुमार मिश्रा, सचिव राधे प्रसाद यादव, कार्यकारी अध्यक्ष व मुखिया अनिल कुमार यादव तथा अन्य सदस्य मिश्रीलाल यादव, सत्यदेव यादव, जयनारायण दास, महेंद्र मंडल, सुखदेव यादव, सुकृति मंडल, विनायक यादव, सुरेंद्र यादव, मुरारी यादव, शंभू यादव, राणा जी, अमोल भारती, रामसागर यादव और नीलांबर यादव पूरे आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय हैं.

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