ट्रैफिक चालान से लेकर बैंक ऋण, चेक बाउंस और आपराधिक मामलों तक का होगा निःशुल्क समाधान
सुपौल से रोशन सिंह की रिपोर्ट:
सुपौल: न्यायमंडल में 09 मई 2026 को आयोजित होने वाले वर्ष के द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर व्यापक तैयारी पूरी कर ली गई है. आम लोगों को त्वरित और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस बार कुल 21 बेंचों का गठन किया गया है.
इनमें सुपौल व्यवहार न्यायालय में 12 बेंच, वीरपुर अनुमंडलीय न्यायालय में 5 बेंच तथा ट्रैफिक चालान मामलों के निष्पादन के लिए 4 विशेष पीठ (बेंच) अलग से टाउन हॉल सुपौल में बनाई गई हैं. राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन सुबह 10:00 बजे व्यवहार न्यायालय सुपौल परिसर में दीप प्रज्वलित कर किया जाएगा. इस दौरान न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे.
सुलह-समझौते के आधार पर होगा मामलों का निपटारा
लोक अदालत में ऐसे सभी मामलों का निष्पादन किया जाएगा जिन्हें आपसी सुलह और समझौते के आधार पर निपटाया जा सकता है. इसमें सभी प्रकार के सुलहनीय आपराधिक मामले, वाहन दुर्घटना दावा (मोटर एक्सीडेंट क्लेम), चेक बाउंस मामले, बैंक ऋण विवाद, बिजली विभाग से संबंधित मामले सहित अन्य वादों का त्वरित और निःशुल्क निष्पादन किया जाएगा.
न्यायालय प्रशासन का कहना है कि लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को वर्षों तक अदालतों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और कम समय में विवादों का समाधान हो सकेगा.
ट्रैफिक चालान मामलों के लिए विशेष व्यवस्था
ट्रैफिक चालान मामलों के निष्पादन के लिए इस बार विशेष पहल की गई है. व्यवहार न्यायालय सुपौल के समीप स्थित टाउन हॉल में 4 अलग-अलग बेंच गठित की गई हैं, जहां न्यूनतम राशि जमा कर ट्रैफिक चालान मामलों का ऑन-द-स्पॉट निष्पादन किया जाएगा.
इस व्यवस्था से आम वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. लंबित चालान मामलों के शीघ्र निष्पादन से लोगों को अनावश्यक कानूनी प्रक्रिया से भी मुक्ति मिलेगी.
न्यायालय परिसर में लगाए जाएंगे हेल्प डेस्क
राष्ट्रीय लोक अदालत में आने वाले पक्षकारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सुपौल न्यायमंडल के ओल्ड बिल्डिंग एवं न्यू बिल्डिंग दोनों परिसर में हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे. यहां उपस्थित कर्मी एवं स्वयंसेवक लोगों को संबंधित बेंच, मामलों की जानकारी और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएंगे.
न्यायालय प्रशासन ने आम जनता से अधिक से अधिक संख्या में लोक अदालत में भाग लेकर अपने लंबित मामलों का सौहार्दपूर्ण समाधान कराने की अपील की है.
