श्री श्याम बसंत महोत्सव श्रद्धा व भव्यता के साथ संपन्न

भक्ति, सेवा व उल्लास का दिखा महासंगम

भक्ति, सेवा व उल्लास का दिखा महासंगम सुपौल. श्री श्याम परिवार के तत्वावधान में आयोजित श्री श्याम बसंत महोत्सव इस वर्ष भक्ति, आस्था और सांस्कृतिक वैभव का अद्भुत संगम बनकर सामने आया. महोत्सव का समापन अत्यंत आकर्षक, भावनात्मक और धूमधामपूर्ण वातावरण में हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर बाबा श्याम के प्रति अपनी आस्था प्रकट की. महोत्सव के दूसरे दिन सुबह 9:00 बजे से ही सवामनी और 56 भोग अर्पण करने वाले श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया. जो दोपहर 3:00 बजे तक लगातार चलता रहा. श्रद्धालुओं ने अपनी-अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति एवं बाबा श्याम को रिझाने के उद्देश्य से भोग अर्पित किए. पूरे परिसर में “जय श्री श्याम” के जयघोष गूंजते रहे और वातावरण भक्तिमय बना रहा. सुबह 10:00 बजे ज्योति पूजन के साथ सांस्कृतिक एवं भक्ति कार्यक्रमों की शुरुआत हुई. भजन संध्या में कोलकाता से पधारे शिवम पंसारी, मुजफ्फरपुर से सौरभ शर्मा, भागलपुर से राहुल सोनी एवं तान्या अग्रवाल अपने सुमधुर भजनों की अमृत गंगा से श्रद्धालु भक्तजनों को भावविभोर कर दिया. भजनों के मार्मिक प्रसंगों के प्रभावशाली चित्रण ने कई श्रद्धालुओं की आंखें नम कर दीं. पूरा पंडाल भक्ति रस में डूब रहा. उत्कृष्ट योगदान के लिए किये गये सम्मानित महोत्सव का विशेष आकर्षण नृत्य-नाटिका मंडली रही. जिसने एक से बढ़कर एक मनमोहक और प्रेरणादायक झांकियों की प्रस्तुति दी. राम दरबार, रसखान की प्रस्तुति, राधा-कृष्ण की लीलाओं और फूलों की होली ने श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया. फूलों की होली के दौरान पूरा वातावरण आनंद, उल्लास और भक्ति से सराबोर नजर आया. कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सरोकारों को भी विशेष महत्व दिया गया. इन्हें किया गया सम्मानित श्री श्याम परिवार, सुपौल द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए मातादीन अग्रवाल एवं संतोष अग्रवाल को सम्मानित किया गया. वहीं समाज की वरिष्ठ महिला पार्वती देवी को भी सम्मान प्रदान कर बुजुर्गों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का संदेश दिया गया. इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने वाले सदस्यों को श्याम नाम का दुपट्टा एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया. श्री श्याम बसंत महोत्सव के सफल आयोजन के लिए शहर की चुस्त-दुरुस्त प्रशासनिक व्यवस्था एवं नगर की स्वच्छता को लेकर नगर परिषद के मुख्य पार्षद एवं सभी वार्ड पार्षदों के प्रति भी आभार व्यक्त किया गया. आयोजकों ने कहा कि प्रशासनिक सहयोग के बिना इतने भव्य आयोजन की सफलता संभव नहीं थी. कुल मिलाकर श्री श्याम बसंत महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भक्ति, संस्कृति, सामाजिक सेवा और सामूहिक सहभागिता का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >