20,550 घनफीट उजला बालू जब्त, अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी की अनुशंसा

खनन विभाग की जांच रिपोर्ट के अनुसार सात अलग-अलग स्थानों पर जमा बालू का माप लिया गया

– अवैध बालू भंडारण पर हुई बड़ी कार्रवाई

राघोपुर

. अवैध खनन और बालू के अवैध कारोबार पर नकेल कसने के लिए प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है. इसी क्रम में शुक्रवार को जिला खनन विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने थाना क्षेत्र के हुसैनाबाद गांव में बड़ी छापेमारी करते हुए अवैध रूप से भंडारित 20,550 घनफीट उजला बालू जब्त किया. मामले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण से जुड़े अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की अनुशंसा की गई है.

टीम ने आसपास के लोगों से की पूछताछ

प्राप्त जानकारी अनुसार, जिला खनन पदाधिकारी के निर्देश पर शुक्रवार को खनन विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने हुसैनाबाद गांव स्थित भेंगा धार के समीप विभिन्न स्थानों पर छापेमारी अभियान चलाया. कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने कई जगहों पर बड़ी मात्रा में उजला बालू भंडारित पाया. टीम द्वारा आसपास के लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन बालू के मालिक या भंडारणकर्ता के संबंध में कोई ठोस जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी. खनन विभाग की जांच रिपोर्ट के अनुसार सात अलग-अलग स्थानों पर जमा बालू का माप लिया गया. जांच में कुल 20,550 घनफीट बालू भंडारित पाया गया. अधिकारियों का मानना है कि यह बालू अवैध खनन के माध्यम से प्राप्त किया गया था और बिना किसी वैध अनुमति के भंडारित किया गया था. यह कृत्य बिहार मिनरल्स (कनसेशन, प्रिवेंशन ऑफ इल्लीगल माइनिंग, ट्रांसपोर्टेशन एंड स्टोरेज) नियमावली, 2019 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है. छापेमारी के दौरान जांच दल ने सभी बालू भंडारण स्थलों का जीपीएस लोकेशन दर्ज किया तथा फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई. विभागीय रिपोर्ट में यह आशंका जताई गई है कि खुले स्थान पर रखे गए बालू की चोरी अथवा अवैध निकासी की संभावना बनी हुई है. ऐसे में जब्त बालू की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय शैलेन्द्र कुमार को इसकी निगरानी एवं संरक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इस संबंध में खनन निरीक्षक शाहबाज अहमद ने राघोपुर थाना को लिखित आवेदन देकर अज्ञात अवैध खननकर्ताओं, परिवहनकर्ताओं एवं भंडारणकर्ताओं की पहचान कर उनके विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया है. आवेदन में कहा गया है कि अवैध खनन एवं भंडारण से न केवल सरकार को राजस्व की क्षति होती है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि अवैध बालू कारोबार में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन और बालू माफियाओं के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.

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