सुपौल जिला मुख्यालय स्थित प्रतिष्ठित मदरसा मोहम्मदिया में बुधवार को अनुमंडल पदाधिकारी (सदर एसडीएम) मनोहर साह ने अचानक पहुंचकर औचक निरीक्षण किया. एसडीएम के औचक दौरे से परिसर में मौजूद मदरसा कर्मियों और प्रबंधन में कुछ देर के लिए हलचल की स्थिति बनी रही.
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने कक्षाओं, शिक्षकों की उपस्थिति, पठन-पाठन की गुणवत्ता और संस्थान में संचालित विभिन्न गतिविधियों का विस्तृत जायजा लिया.
अनुदानित संस्थान में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
एसडीएम मनोहर साह ने निरीक्षण के दौरान कहा कि मदरसा मोहम्मदिया सरकार से वित्तीय अनुदान प्राप्त संस्थान है. ऐसे में संस्थान की यह सीधी जिम्मेदारी बनती है कि विद्यार्थियों को बेहतर और अनुशासित शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराया जाए.
उन्होंने शिक्षकों और प्रबंधन को निर्देश देते हुए कहा कि नियमित कक्षाओं के संचालन के साथ-साथ छात्रों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए.
प्रिंसिपल ने दी शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी
मदरसा मोहम्मदिया के प्रिंसिपल मो. शहजादा ने एसडीएम को परिसर का भ्रमण कराया और शैक्षणिक व्यवस्था से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज व ब्यौरा साझा किया.
उन्होंने बताया कि एसडीएम ने विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षण व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की बारीकी से जांच की और अंत में व्यवस्था पर संतोष प्रकट किया.
धार्मिक तालीम के साथ आधुनिक विषयों पर विशेष बल
प्रिंसिपल मो. शहजादा ने बताया कि मदरसे में पारंपरिक धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक विषयों पर भी पूरा ध्यान दिया जाता है.
संस्थान का उद्देश्य छात्रों को मुख्यधारा की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है. इसी का परिणाम है कि यहां से तालीम हासिल करने वाले कई छात्र आगे चलकर डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य प्रतिष्ठित पेशों में अपना परचम लहरा चुके हैं.
प्रशासनिक निरीक्षण से व्यवस्था में आएगा और सुधार
मदरसा प्रबंधन ने एसडीएम के इस दौरे को नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बताते हुए इसका स्वागत किया.
प्रबंधन का कहना है कि समय-समय पर होने वाले ऐसे निरीक्षणों से संस्थान की शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी तथा प्रभावी बनाने में मदद मिलती है.
