सुपौल जिले के वीरपुर अनुमंडल अंतर्गत भीमनगर वार्ड संख्या 02 में करीब 4.84 करोड़ रुपये की भारी लागत से नवनिर्मित 30 बेड वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का एसडीएम विनय कुमार ने औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान अस्पताल का आधुनिक भवन और परिसर तो साफ-सुथरा मिला, लेकिन लाखों की आबादी के लिए बेहद जरूरी इमरजेंसी (आपातकालीन) और प्रसव (डिलीवरी) सेवाएं पूरी तरह बंद पाई गईं. एसडीएम ने अस्पताल में मौजूद खामियों को लेकर मौके से ही सिविल सर्जन (CS) से फोन पर बात कर कड़ी नाराजगी जताई.
औचक निरीक्षण में डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी मिले उपस्थित, रोस्टर नदारद
एसडीएम विनय कुमार जब अचानक भीमनगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, तो वहां प्रशासनिक और चिकित्सकीय व्यवस्था की पड़ताल की गई:
- मौके पर उपस्थिति: निरीक्षण के समय ड्यूटी पर डॉ. सोफिया रहमान तैनात मिलीं. इसके साथ ही दो एएनएम (ANM) और दो सुरक्षा गार्ड भी अस्पताल में उपस्थित पाए गए.
- रोस्टर की मांग: एसडीएम ने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड, दवा वितरण काउंटर, ओपीडी और डॉक्टर कक्ष का सघन निरीक्षण किया. जब उन्होंने उपस्थित डॉक्टर से चिकित्सकों एवं कर्मियों का ड्यूटी रोस्टर दिखाने को कहा, तो वे रोस्टर प्रस्तुत करने में पूरी तरह असमर्थ रहीं.
4.84 करोड़ की बिल्डिंग बनी शोपीस, इमरजेंसी व प्रसव सेवा ठप
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने दैनिक ओपीडी (OPD) में आने वाले मरीजों, इमरजेंसी मामलों और संस्थागत प्रसव की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली.
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि अस्पताल का इतना बड़ा व आधुनिक ढांचा तैयार होने के बावजूद यहां अभी तक इमरजेंसी और प्रसव सेवाओं की शुरुआत ही नहीं की गई है. स्वास्थ्य केंद्र में बुनियादी आपातकालीन सुविधाएं न होने के कारण स्थानीय ग्रामीणों को मामूली प्रसव या दुर्घटना के मामलों में भी दूर के अस्पतालों में भटकना पड़ रहा है.
एसडीएम ने CS को फोन कर जताई नाराजगी, मिला 7 दिन का अल्टीमेटम
अस्पताल में आवश्यक सेवाओं के ठप रहने पर एसडीएम ने तत्काल सुपौल के सिविल सर्जन से मोबाइल पर संपर्क साधा और पूरी वस्तुस्थिति से अवगत कराया.
निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बात करते हुए एसडीएम विनय कुमार ने कहा:
"अस्पताल का भवन उत्कृष्ट है, परिसर भी साफ-सुथरा है, लेकिन इतने बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के बावजूद इमरजेंसी और प्रसव सेवा का शुरू न होना गंभीर चिंता का विषय है. हमने सिविल सर्जन महोदय से सीधी बात की है. उन्होंने भरोसा दिलाया है कि अगले सात दिनों के भीतर अस्पताल में इमरजेंसी और प्रसव दोनों सेवाएं विधिवत रूप से शुरू करा दी जाएंगी. जैसे ही सभी चिकित्सीय सुविधाएं बहाल होंगी, यहां मरीजों की आवक और उपचार दोनों में तेजी आएगी."
