वक्फ बोर्ड की संपत्ति पर देश के मुसलमानों का अधिकार

कुछ स्थानों पर विरोध जता रहे लोगों द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई

– सरकार से की बिल वापस लेने की गुजारिश छातापुर. मुख्यालय सहित प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न मस्जिद व मदरसों में शुक्रवार को माह ए रमजान के अंतिम जुम्मे की नमाज अदा की गई. इस अवसर पर पाक पवित्र होकर पहुंचे अकीदतमंदों ने नमाज अदा कर परिवार समाज व देश में अमन चैन की दुआ मांगी. नमाज के बाद मदरसा इस्लामिया अजबरूल उलूम, जामा मस्जिद मरकज सहित विभिन्न मस्जिद व मदरसों में धर्मावलंबियों ने बांह में काली पट्टी बांधकर वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ विरोध जताया और सरकार से बिल को वापस लेने की गुजारिश की. कुछ स्थानों पर विरोध जता रहे लोगों द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई. शांतिपूर्वक विरोध जता रहे लोगों ने कहा कि वक्फ बोर्ड की संपत्ति पर सिर्फ देश के मुसलमानों का अधिकार है, इसमें किसी भी प्रकार का संशोधन या छेड़छाड़ मंजूर नहीं है. संशोधन बिल को किसी भी सूरत में वापस लेना ही होगा. मुख्यालय पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मकसूद मसन ने बताया कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड एवं मिल्ली काउंसिल के आह्वान पर वक्फ बोर्ड संशोधन बिल के खिलाफ शांतिपूर्वक विरोध जताया गया है. उन्हें पूरी उम्मीद है कि सरकार संशोधन बिल को वापस लेने पर विचार करेगी. मुख्यालय स्थित जामा मस्जिद मरकज के इमाम मौलाना मुबारक मजाहिरी ने कहा कि इस्लाम में रमजान महीने की बहुत अहमियत है. रमजान में मुसलमानों को ज्यादा से ज्यादा इबादत करनी चाहिए. इबादत के साथ ही साथ लोगों के दुख दर्द में भी शरीक होने की भी जरूरत है. उन्होंने ईद उल फितर में सारे गिले शिकवे भुला कर सबसे मिलजुल कर मोहब्बत से पर्व मनाने की अपील की है.

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By RAJEEV KUMAR JHA

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