प्रशासन हुआ सक्रिय, अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू

ई रिक्शा चालकों पर लगाना होगा लगाम, नाबालिग बच्चे भी शहर में चला रहे ई रिक्शा

-प्रशासनिक पहल में शहरवासियों व दुकानदारों को दिखानी होगी संवेदनशीलता – शहर की प्रमुख सड़कें दिखने लगी चौड़ी, वर्षो से पटेल चौक पर बने अधूरा शेड हुआ ध्वस्त – ई रिक्शा चालकों पर लगाना होगा लगाम, नाबालिग बच्चे भी शहर में चला रहे ई रिक्शा सुपौल. सुपौल शहर वर्षों से अतिक्रमण की समस्या से जूझता आ रहा है. सड़कें संकरी होती जा रही हैं, फुटपाथों पर दुकानों का कब्जा और राहगीरों की परेशानी आम बात हो चुकी थी, लेकिन अब शहर को एक नई दिशा देने की प्रशासनिक पहल शुरू हो चुकी है, जिससे उम्मीद जगी है कि सुपौल फिर से सुगम यातायात और व्यवस्थित बाजार की ओर लौटेगा. जिलाधिकारी सावन कुमार और अनुमंडल प्रशासन के निर्देश पर नगर परिषद और पुलिस प्रशासन के सहयोग से शहर में अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया गया है. अभियान की शुरुआत मुख्य बाजार लोहिया नगर चौक, महावीर चौक, हुसैन चौक, स्टेशन चौक सहित कई प्रमुख सड़कों से की गई, जहां लंबे समय से अस्थायी दुकानों और ठेले वालों ने कब्जा जमा रखा था. जन सहयोग के बिना नहीं मिलेगी सफलता प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि यह अभियान सिर्फ जबरदस्ती हटाने की नहीं, बल्कि जनभागीदारी से शहर को सुव्यवस्थित बनाने की एक पहल है. इसके लिए शहरवासियों, खासकर दुकानदारों को खुद आगे आकर सहयोग करना होगा. प्रशासन का कहना है कि यदि लोग खुद आगे आकर निर्धारित सीमा के अंदर दुकानें लगाएं और सार्वजनिक स्थलों को मुक्त छोड़ें, तो यह प्रयास सफल हो सकता है. व्यवसायियों से हो रही अपील नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि दुकानदारों को कई बार नोटिस दी जा चुकी है. अब वक्त है कि वे भी संवेदनशीलता दिखाएं और शहर की खूबसूरती और व्यवस्था को प्राथमिकता दें. अनावश्यक रूप से सड़कों पर कब्जा कर व्यापार करने से न केवल यातायात प्रभावित होता है, बल्कि आमजन की सुरक्षा पर भी खतरा मंडराता है. शहरवासियों ने जताई संतुष्टि, मांगी स्थायी व्यवस्था स्थानीय नागरिकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि लंबे समय बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है, जो जरूरी था. लेकिन उन्होंने यह भी मांग की कि अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई केवल कुछ दिनों तक न सीमित रहे, बल्कि इसके लिए स्थायी निगरानी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि फिर से अराजक स्थिति न पैदा हो. यह स्पष्ट है कि प्रशासन अकेले अतिक्रमण की समस्या से नहीं निपट सकता. इसके लिए दुकानदारों, आम नागरिकों, राजनीतिक व सामाजिक संगठनों सभी को आगे आना होगा. शहर केवल सरकारी मशीनरी से नहीं, नागरिकों की सोच और सहभागिता से सुंदर और व्यवस्थित बनता है. शहर में जगह-जगह लगाये गये आई लव चकाचक सुपौल का बोर्ड नगर परिषद द्वारा स्वच्छ व सुंदर बनाने की कल्पना को सकार करने के लिए शहर में जगह-जगह रोड किनारे आई लव चकाचक सुपौल का लाइटिंग बोर्ड लगाया गया है. जो शाम के समय शहर की सुंदरता को दर्शाता है. शहरवासियों का कहना है कि कोई भी अच्छे कार्य को सफल बनाने के लिए हर एक नागरिकों का सहयोग जरूरी है.

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