– घबराने की नहीं है जरूरत : सिविल सर्जन सुपौल. राज्य में एक बार फिर कोरोना संक्रमण ने दस्तक दे दी है. स्वास्थ्य विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार सोमवार तक बिहार में नये वैरिएंट के दो मामले सामने आए हैं, जिसके बाद विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है. अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी मेडिकल कॉलेज अधीक्षकों और सभी सिविल सर्जनों को तत्काल आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं. मंगलवार को सदर अस्पताल में अधिकतर स्वास्थ्यकर्मी मास्क में नजर आए. अस्पताल में तैनात चिकित्सक डॉ विमल कुमार ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है. उन्होंने कहा कि बुखार, थकान, सूखी खांसी, गले में खराश, सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण नजर आने पर तत्काल कोविड जांच करानी चाहिए. सिविल सर्जन डॉ ललन कुमार ठाकुर ने बताया कि जेएन 1.8.1 वैरिएंट से घबराने की जरूरत नहीं है. यह वैरिएंट सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण देता है और आमतौर पर 05 से 06 दिनों में ठीक हो जाता है. उन्होंने कहा कि लोगों को मास्क पहनना व नियमित हाथ धोने जैसे सतर्कता उपाय अपनाने चाहिए. इसको लेकर जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा. उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल सुपौल जिले में कोई कोरोना पॉजिटिव मामला नहीं मिला है, लेकिन आरटी-पीसीआर जांच की संख्या बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी गई है. स्वास्थ्य विभाग जिले में संक्रमण की आशंका को लेकर पूरी तरह सतर्क है. कोरोना से निपटने की तैयारी सिविल सर्जन डॉ ललन ठाकुर ने बताया कि सभी स्वास्थ्यकर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है. सदर अस्पताल में ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता है. 40 बेड का विशेष कोविड वार्ड भी तैयार किया गया है. अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था को और बेहतर किया जा रहा है. हालांकि, एक ऑक्सीजन प्लांट में तकनीकी समस्या पाई गई है, जिसे शीघ्र ही दुरुस्त किया जाएगा. जेएन-1 संक्रमण के प्रमुख लक्षणों में है शामिल गले में खराश, सूखी खांसी, बुखार, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, थकान या कमजोरी, स्वाद या गंध का चले जाना, डायरिया स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बिना घबराए सतर्कता अपनाएं और किसी भी संदिग्ध लक्षण के मामले में निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर जांच जरूर कराएं.
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