कटैया-निर्मली (सुपौल). सरकार द्वारा राजस्व व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किए गए तबादले के बाद भी पिपरा अंचल कार्यालय में नए अंचलाधिकारी का योगदान नहीं हो सका है. एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पद खाली रहने से अंचल कार्यालय के अधिकांश राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे हैं.
राजस्व से जुड़े अहम कार्य पड़े प्रभावित
Pipra CO Vacancy: अंचलाधिकारी के अभाव में दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भूमि विवादों का निपटारा, सरकारी जमीन से जुड़े मामलों सहित कई महत्वपूर्ण कार्य लंबित पड़े हैं. प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालय पहुंचते हैं, लेकिन स्थायी अधिकारी नहीं होने के कारण उन्हें बिना समाधान लौटना पड़ रहा है.
अतिरिक्त प्रभार में चल रहा कार्यालय
फिलहाल राजस्व अधिकारी सुभाषचंद्र चौधरी को अंचलाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. अतिरिक्त जिम्मेदारी होने के कारण सभी फाइलों का समय पर निष्पादन संभव नहीं हो पा रहा है, जिससे लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है.
योगदान में हो रही देरी बनी वजह
अंदरूनी सूत्रों के अनुसार सरकार ने आकांक्षा कुमारी को पिपरा अंचल का प्रभार दिया है, लेकिन वे लंबी छुट्टी पर हैं. इसी कारण उनका योगदान अब तक नहीं हो पाया है और स्थायी अंचलाधिकारी की नियुक्ति में देरी हो रही है.
स्थानीय लोगों में बढ़ा आक्रोश
Pipra CO Vacancy: स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से पिपरा अंचल में तत्काल स्थायी अंचलाधिकारी की पदस्थापना करने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो उन्हें धरना-प्रदर्शन जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं. लोगों का कहना है कि राजस्व कार्य ठप रहने से आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
