पदाधिकारी घर-घर जाकर करेंगे मतदाता सत्यापन- डीएम

निर्वाचक सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण एवं मतदान केन्द्रों के युक्तिकरण को ले बैठक संपन्न

निर्वाचक सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण एवं मतदान केन्द्रों के युक्तिकरण को ले बैठक संपन्न सुपौल. समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. इस बैठक में सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी एवं मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अध्यक्ष, सचिव शामिल हुए. बैठक का मुख्य उद्देश्य निर्वाचक सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण एवं मतदान केंद्रों के युक्तिकरण को लेकर दिशा-निर्देश देना था. श्री कुमार ने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम की जानकारी सभी अधिकारियों व राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी, जो कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के पत्रांक 2161 एवं 2164 दिनांक 24 जून 2025 के माध्यम से प्राप्त हुई है. उन्होंने बताया कि सुपौल जिले के अंतर्गत आने वाले सभी पांच विधानसभा क्षेत्रों में प्रति 1200 निर्वाचकों के मानक के आधार पर मतदान केंद्रों का युक्तिकरण किया जाना है. इसके लिए सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि मतदान केंद्रों के भौतिक सत्यापन पर आधारित युक्तिकरण का प्रस्ताव 27 जून 2025 तक जिला निर्वाचन कार्यालय को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं. जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, 01 जुलाई 2025 की आहर्ता तिथि के आधार पर विशेष गहन पुनरीक्षण किया जाएगा. इसके तहत सभी मतदान केन्द्र स्तरीय पदाधिकारी घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन का कार्य सुनिश्चित करें. सत्यापन के दौरान आयोग द्वारा प्रदत्त एन्यूमरेशन फॉर्म का वितरण किया जाएगा, तथा इन फॉर्मों का वितरण रजिस्टर में पंजीकृत कर उसकी प्रतिदिन समीक्षा की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2003 तक मतदाता सूची में शामिल नागरिकों को भारतीय नागरिकता का पृथक से प्रमाण देने की आवश्यकता नहीं होगी, जबकि वर्ष 2003 के बाद जन्मे अथवा नवपंजीकृत आवेदकों को आयोग द्वारा स्वीकृत वैध दस्तावेजों के माध्यम से अपनी नागरिकता प्रमाणित करनी होगी. दस्तावेजों के अभाव में उनका नाम सूची में दर्ज नहीं किया जाएगा या नियमानुसार विलोपित किया जा सकता है. बैठक में मौजूद सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से जिलाधिकारी ने आग्रह किया कि वे प्रत्येक मतदान केन्द्र पर मतदान केन्द्र स्तरीय अभिकर्ता की नियुक्ति सुनिश्चित करें, जिससे मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >