दिव्यांगता पहचान शिविरों में लापरवाही, जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने जताई नाराजगी

शिविर स्थल पर कोई बैनर लगा था और न ही किसी प्रकार का प्रचार-प्रसार किया गया था

सुपौल माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली की किशोर न्याय अनुश्रवण समिति के दिशा निर्देशों के आलोक में 05 मई से 15 मई तक सभी प्रखंडों में दिव्यांगता पहचान शिविर आयोजित किए जाने का निर्देश जारी किया गया है. लेकिन जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल द्वारा इन शिविरों के संचालन में भारी अनियमितता पाए जाने पर गहरी नाराजगी जाहिर की गई है. जानकारी के अनुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव द्वारा 05 मई को सदर अस्पताल, सुपौल में शिविर का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि न तो शिविर स्थल पर कोई बैनर लगा था और न ही किसी प्रकार का प्रचार-प्रसार किया गया था. शिविर एक सामान्य कमरे में बिना किसी पहचान चिन्ह के संचालित हो रहा था, जहां केवल एक व्यक्ति उपस्थित थे. इस संबंध में जिला पदाधिकारी को पत्र के माध्यम से सूचित करते हुए सचिव ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ऐसे आयोजन सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना प्रतीत होते हैं. उन्होंने शिविरों के संचालन को व्यवस्थित करने, बैनर व प्रचार-प्रसार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है.

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By Rajeev kumar jha

राजीव कुमार झा प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 02 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत हिन्दुस्तान से की. अभी प्रभात खबर ब्यूरोचीफ के पद पर सुपौल में काम कर रहे हैं. शिक्षा, कला-संस्कृति, सामाजिक कार्य व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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