सुपौल. बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता सह फैसिलिटेटर संघ के तत्वावधान में रविवार को बालाजी होटल में एक सभा एवं अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता उषा सिन्हा ने की. इस अवसर पर बक्सर में 10-12 अप्रैल 2025 को आयोजित बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ गोप गुट के राज्य सम्मेलन में लगातार तीसरी बार राज्य सलाहकार चुने गए माधव प्रसाद सिंह को संघ द्वारा चादर, पाग, बैग और फूलों की माला पहनाकर सम्मानित किया गया. साथ ही जिला महासंघ गोप गुट के मुख्य संरक्षक किशोर कुमार पाठक, जिला सचिव बिनोद कुमार और पेंशनर समाज के उपाध्यक्ष बिमलानन्द झा को भी सम्मानित किया गया. कार्यक्रम के दूसरे सत्र में आशा कार्यकर्ताओं एवं फैसिलिटेटरों की लंबित मांगों और समस्याओं पर चर्चा हुई. सभा की अध्यक्षता कर रहीं उषा सिन्हा ने राज्य सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि बीते दो दशकों से आशा कार्यकर्ताओं से बिना उचित पारिश्रमिक के बंधुआ मजदूरों की तरह कार्य लिया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार आंदोलन और हड़ताल के बाद सरकार ने मानदेय और सेवा नियमितीकरण को लेकर समझौते तो किए, लेकिन उन्हें आज तक लागू नहीं किया गया. उषा सिन्हा ने सीएम व पीएम पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो नेता महिला सशक्तिकरण की बातें करते हैं, वे वास्तव में महिलाओं के साथ केवल चुनावी नाटक कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि आशा, फैसिलेटर, ममता रसोइया, आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका और जीविका दीदियों को लंबे समय से उपेक्षा का शिकार बनाया गया है. अंत में एक प्रस्ताव पारित कर सरकार को चेतावनी दी गई कि यदि आगामी तीन महीनों में आशा कार्यकर्ताओं के साथ हुए समझौते लागू करने एवं सेवा का नियमितीकरण करने की चेतावनी दी. नहीं करने पर आंदोलन की धमकी दी.
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